उत्तराखंड के चोरगलियां क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि रिश्तों के बीच बढ़ती कड़वाहट पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र के जाने-माने खनन कारोबारी कमलेश बेलवाल ने मंगलवार को अपनी ही लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
चीख-पुकार के बीच अस्पताल की दौड़ घटना के वक्त घर में मौजूद परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई जब उन्होंने गोली चलने की आवाज सुनी। लहूलुहान हालत में कमलेश को आनन-फानन में हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। परिजनों की आंखों में उम्मीद और लबों पर दुआएं थीं, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के गलियारे परिजनों के करुण क्रंदन से गूंज उठे।
क्या थी वजह? प्रारंभिक जांच में जो बात निकलकर सामने आ रही है, वह बेहद दर्दनाक है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से घर में पारिवारिक कलह चल रही थी। इसी विवाद और मानसिक तनाव के चलते कमलेश ने यह आत्मघाती कदम उठाया। एक सफल कारोबारी, जिसके पास संसाधनों की कमी नहीं थी, वह अपनों के बीच उपजे मनमुटाव से हार गया।
पुलिस की कार्रवाई सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी पिस्टल को कब्जे में ले लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है:
"मामला प्रथम दृष्टया घरेलू विवाद का लग रहा है, लेकिन हम हर पहलू की गहनता से जांच कर रहे हैं। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि घटना के पीछे की सही वजह स्पष्ट हो सके।"
एक गहरा सन्नाटा
कमलेश बेलवाल की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। लोग स्तब्ध हैं कि आखिर विवाद इतना बड़ा कैसे हो गया कि एक हंसता-खेलता जीवन खामोश हो गया। यह घटना हमें याद दिलाती है कि बाहरी सफलता चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, मानसिक शांति और परिवार का साथ ही सबसे बड़ी पूंजी है।






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