रुद्रप्रयाग। जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में निहंग सिखों का डेरा सोमवार को तीसरे दिन भी जारी है, जिससे क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और किसी भी प्रकार के गतिरोध को समाप्त करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी लगातार प्रयासरत हैं।
प्रशासनिक टीम विभिन्न पक्षों के साथ बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लगातार बैठकें कर रही है। मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
रुद्रप्रयाग प्रशासन स्थिति को काबू में और शांत बता रहा है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि आखिर ऐसी स्थिति उत्पन्न कैसे हुई। यदि यह कोई अचानक लिया गया निर्णय था, तो मामला इतने लंबे समय तक क्यों चल रहा है। और यदि इसकी कोई पूर्व तैयारी थी, तो संबंधित एजेंसियों और स्थानीय सूचना तंत्र को इसकी जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिल सकी। ये ऐसे सवाल हैं जिनके उत्तर भविष्य की सुरक्षा रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर लगातार मौके पर डटे हुए हैं। दूसरे दिन सुबह से ही दोनों वरिष्ठ अधिकारी गुरुद्वारा परिसर में मौजूद रहे और पूरी स्थिति पर सीधी निगरानी बनाए रखी। जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी और एसपी गुरुद्वारे की छत पर मौजूद निहंग सिखों से फोन और माइक के माध्यम से लगातार संवाद स्थापित कर रहे हैं। अधिकारियों ने उन्हें संयम बरतने, कानून का सम्मान करने और शांतिपूर्ण समाधान स्वीकार करने के लिए समझाया. कई घंटों तक चली वार्ता के बाद आखिरकार थोड़ा बहुत सकारात्मक परिणाम सामने आया।बता दें कि शनिवार दोपहर से सात से आठ निहंग कब्जा जमाए हुए हैं। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। प्रशासन और निहंगों के बीच कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। हालांकि, रविवार को निहंगों ने बंधक बनाए गए एक सेवादार को रिहा कर दिया था।






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