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  • Written By: Admin
  • Published: June 22, 2026 03:34 PM IST
अपराध

25 लाख की धोखाधड़ी मामले में अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

देहरादून। 25 लाख की साइबर धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस द्वारा दो लोगो को पश्चिमी बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है। जिनके कब्जे से विभिन्न बैंकों के 13 डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक, बैंक खाता खोलने के फॉर्म, सिम कार्ड एवं 3 मोबाइल बरामद किए गए है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि देहरादून के निवासी द्वारा साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी। तहरीर में बताया था कि अज्ञात साइबर ठगों द्वारा उनका मोबाइल फोन हैक कर उनकी ईकृमेल आईडी एवं मोबाइल नम्बर परिवर्तित कर उनकी कम्पनी के बैंक खाते से लगभग 24.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गयी है। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी। मामले में साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातोंध् रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा आदि से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से आरोपियों को चिन्ह्ति करते हुये बीती 14 जून को निरीक्षक आशीष गुसांई के नेतृत्व में एक पुलिस टीम पश्चिम बंगाल रवाना की गयी। पुलिस टीम द्वारा बीती 18 जून को एक सूचना के आधार पर रानाघाट पश्चिम बंगाल से उक्त घटना में संलिप्त दो आरोपियों तपन बिस्वास (उम्र 45 वर्ष) एवं उत्तम कुमार दास (उम्र 38 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों द्वारा साइबर ठगों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराने तथा इसके बदले आर्थिक लाभ प्राप्त करने की बात स्वीकार की गई। आरोपियों द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड एवं बैंकिंग विवरण साइबर ठगों को उपलब्ध कराना, जिसमे आरोपी उत्तम कुमार दास द्वारा भी अपने नाम से कई बैंक खाते खुलवाकर उनके डेबिट कार्ड एवं सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराना स्वीकार किया गया। जांच में पाया गया कि आरोपी तपन बिस्वास द्वारा संदिग्ध बैंक खाते का संचालन कर साइबर ठगी की धनराशि के लेनदेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही थी। जबकि आरोपी उत्तम कुमार दास के बैंक खाते में वादी की ठगी गई धनराशि की दूसरी लेयर में ट्रांसफर होने के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

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