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  • Written By: Admin
  • Published: March 14, 2026 01:22 PM IST
  • Updated: March 14, 2026 01:24 PM IST
उत्तराखंड

ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में सीएम धामी: उत्तराखंड बनेगा योग की वैश्विक राजधानी, योग नीति 2025 लागू

उत्तराखंड की योग नगरी Rishikesh में आयोजित International Yoga Festival Rishikesh के 38वें संस्करण में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने प्रतिभाग किया। यह कार्यक्रम Parmarth Niketan में आयोजित हुआ, जहां देश-विदेश से आए योग साधकों, योगाचार्यों और पर्यटकों का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया।

योग: विश्व शांति और आत्मिक संतुलन का विज्ञान

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन और महान परंपरा है, जिसे आज दुनिया के करोड़ों लोग अपना रहे हैं। उनके अनुसार योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाला सार्वभौमिक विज्ञान है।

उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया तनाव, अवसाद और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से जूझ रही है, ऐसे समय में योग एक प्राकृतिक उपचार प्रणाली (Natural Healing System) के रूप में मानवता को राहत दे रहा है।

उत्तराखंड बनेगा योग की वैश्विक राजधानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योग और अध्यात्म की भूमि भी है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और शुद्ध वातावरण योग साधना के लिए बेहद अनुकूल हैं।

इसी दिशा में राज्य सरकार ने “योग नीति 2025” लागू की है, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी बनाना है।

योग केंद्रों के लिए 20 लाख तक सब्सिडी

नई नीति के तहत:

  • योग और ध्यान केंद्र स्थापित करने के लिए 20 लाख रुपये तक सब्सिडी

  • योग से जुड़े शोध कार्यों के लिए 10 लाख रुपये तक अनुदान

  • प्रदेश में पाँच नए योग हब स्थापित किए जाएंगे

  • सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी

आयुष और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। साथ ही प्रत्येक जिले में 50 और 10 बेड वाले आयुष अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं।

ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से लोगों को आयुष विशेषज्ञों से ऑनलाइन परामर्श भी मिल रहा है।

गढ़वाल और कुमाऊं में बनेंगे स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन

सरकार ने आध्यात्मिक पर्यटन और वेलनेस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में एक-एक ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’ स्थापित करने की योजना बनाई है, जिसके लिए बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

विश्वभर के योगाचार्य हुए शामिल

इस महोत्सव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित योगाचार्य हठ योग, राज योग, कर्म योग और भक्ति योग के साथ ध्यान, प्राणायाम और प्राकृतिक चिकित्सा पर सत्र आयोजित कर रहे हैं।

कार्यक्रम में Swami Chidanand Saraswati, Sadhvi Bhagawati Saraswati और प्रसिद्ध गायक Kailash Kher समेत कई अतिथि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव योग, प्राणायाम और अध्यात्म के माध्यम से मानवता को शांति और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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