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  • Written By: Admin
  • Published: February 24, 2026 12:00 PM IST
  • Updated: February 24, 2026 12:01 PM IST
उत्तराखंड

एक्शन मोड में डीएम सविन बसंल: कोरोनेशन अस्पताल का औचक निरीक्षण, चन्दन लैब पर सख्ती, 10 लाख मौके पर स्वीकृत

जनता की सेहत से जुड़े मसलों पर सख्त रुख अपनाते हुए सविन बसंल लगातार फील्ड में नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने कोरोनेशन जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा। डीएम ने अस्पताल के हर वार्ड और अनुभाग का बारीकी से जायजा लिया और मरीजों व उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर सुविधाओं की गुणवत्ता की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल प्रशासन को साफ निर्देश दिए कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फार्मेसी में जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने को कहा गया।

चन्दन लैब पर सख्ती

अस्पताल में संचालित चन्दन लैब का निरीक्षण करते हुए डीएम ने अनुबंध के अनुसार 24×7 कार्यप्रणाली की जानकारी मांगी। रात्रि में लिए गए सैंपल का विवरण मांगने पर लैब इंचार्ज स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं। इस पर डीएम ने उप जिलाधिकारी सदर, प्रभारी अधिकारी स्वास्थ्य और मुख्य चिकित्साधिकारी को तीन माह के दिन और रात के सैंपलों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 24×7 सेवा अनुबंध के अनुरूप नहीं पाई गई तो लैब का आधा भुगतान रोक दिया जाएगा।

सेन्ट्रल लैब का समय बढ़ा

सेन्ट्रल लैब के बाहर भीड़ देखकर डीएम ने कारण पूछा। बताया गया कि लैब प्रातः 11 बजे तक ही खुलती है, जिससे सैंपल देने वालों की भीड़ लग जाती है। इस पर डीएम ने तत्काल प्रभाव से लैब का समय एक घंटा बढ़ाकर 12 बजे तक करने के निर्देश दिए और कहा कि आज उपस्थित सभी लोगों के सैंपल हर हाल में लिए जाएं।

मरम्मत के लिए 10 लाख स्वीकृत

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के किचन, गायनी ओटी, वेयरहाउस और ओपीडी मरम्मत कार्यों के लिए 10 लाख रुपये मौके पर ही स्वीकृत करते हुए कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए। जिला चिकित्सालय में गायनी चिकित्सक न होने से मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किए जाने की शिकायत पर संयुक्त रिपोर्ट मांगी गई।

15 मार्च तक पूरा हो ब्लड बैंक

निर्माणाधीन ब्लड बैंक का निरीक्षण करते हुए डीएम ने 15 मार्च तक कार्य पूर्ण करने और थर्ड पार्टी निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की ओर से चिकित्सक, स्टाफ और उपकरणों की व्यवस्था जिले स्तर पर ही सुनिश्चित कराई गई है।

बाल वार्ड में संवेदनशील पहल

बाल चिकित्सा वार्ड के निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्देश दिए कि बच्चों को लाइब्रेरी से पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। एक छोटे बच्चे के हाथ में मोबाइल देखकर उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि बच्चों को फोन देने के बजाय ड्राइंग और कलर जैसी रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करें। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि बाल वार्ड में ड्राइंग सामग्री उपलब्ध कराई जाए।

सफाई और भोजन की गुणवत्ता पर जीरो टॉलरेंस

डीएम ने इमरजेंसी वार्ड, सामान्य वार्ड और अस्पताल में संचालित हिलांस आउटलेट का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सफाई और खाने की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही क्षम्य नहीं होगी।

निरीक्षण के दौरान ऑटोमेटेड पार्किंग व्यवस्था भी अपनी पूरी क्षमता से संचालित पाई गई, जिससे मरीजों और तीमारदारों को राहत मिल रही है।

डीएम का यह सख्त और संवेदनशील रुख यह संदेश देता है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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