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  • Written By: Admin
  • Published: February 18, 2026 05:11 PM IST
  • Updated: February 18, 2026 05:14 PM IST
उत्तराखंड

चंपावत में 'सरस कॉर्बेट महोत्सव' का शंखनाद: साहसिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर चमकेगा चंपावत; सीएम धामी बोले- 'आदर्श जिला' बनाना ही मेरा संकल्प!

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि चंपावत की पुण्य भूमि इतिहास, अध्यात्म और संस्कृति की अनमोल धरोहर है। बुधवार को 'चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026' का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि प्रदेश की मातृशक्ति के सामर्थ्य, युवाओं के उत्साह और 'वोकल फॉर लोकल' के संकल्प का जीवंत उत्सव है।

साहसिक पर्यटन का नया केंद्र बनेगा चंपावत मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महोत्सव के जरिए पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, हॉट एयर बलून और रिवर राफ्टिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने जिम कॉर्बेट का जिक्र करते हुए कहा कि 1907 में आदमखोर बाघिन का अंत कर कॉर्बेट ने इसी भूमि को पहचान दिलाई थी। अब इसी ऐतिहासिक धरोहर को वन्यजीव प्रेमियों और साहसिक पर्यटकों के लिए वैश्विक स्तर पर विकसित किया जा रहा है।

शारदा कॉरिडोर और मानसखण्ड का कायाकल्प विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि 'मानसखण्ड मंदिर माला मिशन' के तहत देवीधूरा वाराही मंदिर का विकास और मां पूर्णागिरी के लिए 45 करोड़ का रोपवे निर्माणाधीन है। टनकपुर से बनबसा तक 'शारदा रिवर फ्रंट' का विकास कर एक भव्य 'शारदा कॉरिडोर' बनाया जाएगा, जो पूर्णागिरी धाम, चूका और श्यामलाताल जैसे पर्यटन स्थलों को एक सूत्र में पिरोएगा।

आदर्श जिले के लिए करोड़ों की सौगातें

  • स्वास्थ्य: जिला अस्पताल में 20 करोड़ से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक।

  • अर्थव्यवस्था: भारत-नेपाल सीमा पर 177 करोड़ का ड्राई पोर्ट क्षेत्रीय व्यापार को मजबूती देगा।

  • शिक्षा व नवाचार: 57 करोड़ की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण।

  • बुनियादी ढांचा: टनकपुर-जौलजीबी मार्ग पर 55 करोड़ का आर्च पुल और चंपावत में मल्टीस्टोरी पार्किंग।

होली की विशिष्टता और 'लोकल फॉर ग्लोबल' मुख्यमंत्री ने काली कुमाऊं की प्रसिद्ध खड़ी और बैठकी होली की सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि स्थानीय व्यंजनों और उत्पादों को इस महोत्सव के माध्यम से वैश्विक पहचान मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि "विकास भी और विरासत भी" के मंत्र के साथ वे चंपावत को देश का श्रेष्ठ जिला बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

चंपावत में 'हाउस ऑफ हिमालया' के विपणन केंद्र और चूका को 'वेडिंग डेस्टिनेशन' के रूप में विकसित करने की पहल भविष्य में स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार खोलेगी।

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