हरिद्वार। हरिद्वार जिला कारागार में बंद अभिनेत्री उर्मिला सनावर को लेकर हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने स्पष्ट किया कि नार्को टेस्ट से बचाने के लिए उर्मिला की गिरफ्तारी नहीं की गई है, बल्कि रानीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे में उसकी गिरफ्तारी की गई है। जानकारी के अभाव में कुछ लोग नार्को टेस्ट से बचाने की अफवाह फैला रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि सीबीआई कोर्ट से यदि आदेश आया तो महिला पुलिसकर्मियों के साथ उर्मिला को नार्को टेस्ट के लिए भेजा जाएगा।
25 अक्टूबर को हरिद्वार की रानीपुर कोतवाली पुलिस ने अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर चर्चाओं में आई अभिनेत्री उर्मिला सनावर को यूपी के सहारनपुर स्थित घर से गिरफ्तार किया था और उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी ने उर्मिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस के मुताबिक आरोप है कि उर्मिला सनावर उन्हें ब्लैकमेल कर रही है, उनके रविदास धाम अपने नाम करने के साथ ही 5 करोड़ रुपए भी मांग रही है। साथ ही मांग पूरी न करने पर जान से मारने की धमकी और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो फोटो अपलोड करने की धमकी भी दे रही है। वहीं नार्को टेस्ट से पहले उर्मिला की गिरफ्तारी पर सवाल खड़े हो रहे थे। जिसके बाद आज हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि सोशल मीडिया पर एक अफवाह लगातार फैल रही है कि नारकोटिक्स टेस्ट से बचाने के लिए उर्मिला सनावर को गिरफ्तार किया गया है। यह जो मुकदमा उर्मिला सनावर पर लिखा गया है उसमें कई गंभीर धाराएं हैं। इसलिए इसमें गिरफ्तारी की कार्रवाई बनती है। हरिद्वार एसएसपी ने आगे कहा कि न्यायालय द्वारा इनको 14 दिन की पुलिस ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेजा गया। नार्को टेस्ट से इस मामले का कोई लेना देना नहीं है। उसमें दूसरी एजेंसी जांच कर रही है, जांच पूर्णत इंडिपेंडेंट है। इस मामले में अभी भी नार्को टेस्ट कराने में कोई इसमें दिक्कत नहीं है।






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