देहरादून। उत्तराखंड की बेटियों को उच्च शिक्षा और बेहतर जीवन देने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को 'नंदा गौरा योजना' के अंतर्गत करोड़ों की धनराशि का सीधा हस्तांतरण किया। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी विदाई और कॅरियर तक हर कदम पर अभिभावक बनकर खड़ी है।
आंकड़ों की जुबानी: कहाँ कितनी बेटियों को मिला लाभ कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष उधम सिंह नगर जिला लाभार्थियों की सूची में सबसे ऊपर रहा, जहाँ 6,144 बेटियों को लाभ मिला। इसके बाद नैनीताल और अल्मोड़ा का स्थान रहा। योजना के तहत जन्म के समय ₹11,000 और इंटरमीडिएट के बाद ₹51,000 की प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है।
समानता की ओर बढ़ता उत्तराखंड मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से संचालित यह योजना अब एक आंदोलन का रूप ले चुकी है। इससे न केवल कन्या भ्रूण हत्या पर लगाम लगी है, बल्कि बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर भी प्रहार हुआ है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यह आर्थिक सुरक्षा बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी।






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