प्रसिद्ध पौराणिक तीर्थ स्थल जागेश्वर धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है। बुधवार को बंदरों के एक झुंड ने मंदिर परिसर के पास तीन श्रद्धालुओं पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में तीनों पर्यटक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब खुले में चलना भी दूभर हो गया है।
स्थानीय निवासी विनोद भट्ट ने बताया कि बंदरों की टोली आए दिन महिलाओं, व्यापारियों और बाहर से आने वाले भक्तों को निशाना बना रही है। बुधवार की घटना के बाद से व्यापारियों में गहरा रोष है। व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश भट्ट का कहना है कि बंदर न केवल लोगों को काट रहे हैं, बल्कि दुकानों से सामान भी उठा ले जाते हैं। इससे न केवल स्थानीय व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि पर्यटन पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
बार-बार की शिकायतों के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस ठोस कार्रवाई नहीं होने पर लोगों ने नाराजगी जताई है। हालांकि, वन क्षेत्राधिकारी अल्मोड़ा, आशुतोष जोशी ने बताया कि विभाग ने बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहां से भी शिकायत मिल रही है, वहां टीम भेजी जा रही है और जल्द ही जागेश्वर की इस गंभीर समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
फिलहाल, जागेश्वर धाम आने वाले यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे बंदरों के सामने खाने-पीने की चीजें प्रदर्शित न करें, ताकि हमलों के जोखिम को कम किया जा सके। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।






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