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  • Written By: Admin
  • Published: February 23, 2026 06:05 PM IST
  • Updated: February 23, 2026 06:05 PM IST
उत्तराखंड

हल्द्वानी की नन्ही प्रतिभा मेहर कौर का कमाल: 1 साल 7 माह की उम्र में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज

हल्द्वानी के लिए वह पल सचमुच ऐतिहासिक बन गया, जब शहर की नन्ही प्रतिभा बेबी मेहर कौर का नाम आधिकारिक रूप से World Book of Records में दर्ज किया गया। महज़ 1 वर्ष 7 माह की आयु में मेहर ने 25 सामान्य ज्ञान (GK) प्रश्नों के सही उत्तर देकर असाधारण बुद्धिमत्ता और अद्भुत स्मरण शक्ति का परिचय दिया।

1 मिनट 40 सेकंड में दिए 25 जवाब

मेहर ने ये 25 सवाल मात्र 1 मिनट 40 सेकंड में हल कर दिए। इतनी कम उम्र में इस स्तर की संज्ञानात्मक क्षमता को विशेषज्ञ भी अभूतपूर्व मान रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस आयु वर्ग में इस प्रकार का कोई पूर्व प्रलेखित रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।

परिवार ने बताया — शुरू से थी अलग पहचान

मेहर कौर, डॉ. हरलीन कौर और डॉ. गुर्रौनक सिंह की सुपुत्री हैं। माता-पिता के अनुसार, मेहर ने बहुत कम उम्र से ही तेज अवलोकन क्षमता और शीघ्र सीखने की प्रतिभा दिखानी शुरू कर दी थी। घर का सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण उसकी नैसर्गिक प्रतिभा को निखारने में सहायक बना।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के सीईओ संतोष शुक्ला ने मेहर की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर बच्चों की क्षमता असीमित होती है।

ब्रिटेन की लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता और पांच बार सांसद रह चुके वीरेंद्र शर्मा ने भी मेहर को शुभकामनाएँ देते हुए इसे वैश्विक समुदाय के लिए गर्व का विषय बताया।

ज्यूरिख, स्विट्ज़रलैंड स्थित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संरक्षक विल्हेम जेज़लर और पूनम जेज़लर ने भी मेहर को आशीर्वाद दिया।

इंदौर में मिला सम्मान

मेहर को आधिकारिक प्रमाणपत्र 9 फरवरी 2026 को इंदौर में आयोजित “World Book of Records Summit & Awards” समारोह में प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के बाद हल्द्वानी सहित पूरे उत्तराखंड में गर्व और उत्साह का माहौल है।

प्रेरणा बनी नन्ही मेहर

मेहर कौर की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि उम्र कभी उत्कृष्टता की बाधा नहीं होती। उचित प्रोत्साहन, स्नेह और सकारात्मक माहौल बच्चों को असाधारण ऊँचाइयों तक पहुंचा सकता है।

आज मेहर कौर केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे हल्द्वानी और उत्तराखंड का नाम रोशन कर रही हैं। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उनके घर पहुँचकर परिवार को बधाई दे रहे हैं।

नन्हे कदमों से शुरू हुई यह यात्रा अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँच चुकी है — और यह तो बस शुरुआत है। 

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