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  • Written By: Admin
  • Published: February 25, 2026 04:52 PM IST
  • Updated: February 25, 2026 04:53 PM IST
उत्तराखंड

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में बड़ा खेल: 8 'मुन्नाभाई' गिरफ्तार, सावित्री शिक्षा सदन के छात्रों की जगह परीक्षा देते पकड़े गए

उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षाओं के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। मंगलवार को हिंदी विषय की परीक्षा के दौरान राजकीय इंटर कॉलेज, सलेमपुर केंद्र पर कक्ष निरीक्षकों की मुस्तैदी से 4 युवक और 4 युवतियों को दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। यह सभी फर्जी परीक्षार्थी सावित्री शिक्षा सदन इंटर कॉलेज, रावली महदूद के पंजीकृत छात्र-छात्राओं की जगह परीक्षा दे रहे थे।

सत्यापन में खुली पोल, चेहरे और फोटो का नहीं हुआ मिलान

परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद जब कक्ष निरीक्षक नियमित सत्यापन (Verification) कर रहे थे, तब उन्हें कुछ परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर शक हुआ। जब प्रवेश पत्र (Admit Card) पर लगी फोटो का मिलान परीक्षार्थियों के चेहरों से किया गया, तो बड़ा अंतर साफ नजर आया।

  • शुरुआती पूछताछ में परीक्षार्थी घबरा गए।

  • कड़ाई से पूछने पर उन्होंने स्वीकार किया कि वे असली छात्र नहीं हैं।

  • आशंका जताई जा रही है कि प्रवेश पत्रों पर फोटो बदलकर इन्हें परीक्षा में बैठाया गया था।

प्रधानाचार्य पर शक की सुई, पुलिस ने 8 को लिया हिरासत में

इस मामले में सावित्री शिक्षा सदन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और प्रबंधन की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। बिना विद्यालय स्तर की मिलीभगत के प्रवेश पत्र में इस तरह का बदलाव संभव नहीं है। केंद्र व्यवस्थापक सुरेशचंद्र द्विवेदी ने तत्काल पुलिस को मामले की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने सभी आठों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।

"हमने केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह एक संगठित धोखाधड़ी लग रही है, जिसमें स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी गहनता से जांच की जाएगी।" — स्थानीय पुलिस सूत्र

शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल

बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में एक साथ 8 फर्जी परीक्षार्थियों का पकड़ा जाना विभाग की शुचिता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। केंद्र व्यवस्थापक की ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। यदि जांच में विद्यालय प्रबंधन की संलिप्तता पाई जाती है, तो स्कूल की मान्यता रद्द करने समेत कठोर विधिक कार्रवाई की जा सकती है।

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