देहरादून। दीपावली के दौरान पटाखों का धुआं कितना अतिरिक्त प्रदूषण घोलता है, इसकी जांच के लिए उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियं
त्रण बोर्ड ने तैयारी पूरी कर ली है। इस संबंध में बोर्ड मुख्यालय ने क्षेत्रीय कार्यालयों को पत्र जारी कर दिया है।
हवा की गुणवत्ता की जांच के लिए थर्ड पार्टी के रूप में जल्द कंपनी का चयन भी कर लिया जाएगा। हवा की गुणवत्ता के रूप में मुख्यतः पीएम 10 और पीएम 2.5 (सूक्ष्म कणों) के साथ ही सल्फर डाईआक्साइड (साक्स) और नाइट्रोजन डाईआक्साइड (नाक्स) के साथ ही मेटल्स की उपस्थिति का भी पता लगाया जाएगा।प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी नरेश गोस्वामी के अनुसार वायु प्रदूषण में इन सभी तत्वों की अधिकतम सीमा पहले से तय है। हवा की इनकी उपस्थिति के आधार पर एयर क्वालिटी इंडेक्स निकाला जाएगा।
वायु गुणवत्ता के अलावा ध्वनि प्रदूषण की स्थिति का परीक्षण भी किया जाएगा। ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि दीपावली से पहले ध्वनि प्रदूषण का ग्राफ कितना रहा और दीपावली की रात और उसके बाद की स्थिति क्या रही। वर्ष 2025 की तरह इस बार प्रदूषण की जांच में टिहरी को भी शामिल किया गया है, जबकि देहरादून के दो स्थल और ऋषिकेश का एक स्थल पहले कि तरह यथावत है।बेशक दीपावली की रात वायु प्रदूषण का ग्राफ बेहद अधिक हो जाता है, लेकिन इस बात पर संतोष किया जाना चाहिए कि धीरे-धीरे नागरिक समझदारी की तरफ बढ़ रहे हैं। पिछली कुछ दीपावली की बात करें तो वायु प्रदूषण के स्तर में कमी देखने को मिल रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार नागरिक वायु प्रदूषण को लेकर और अधिक सचेत नजर आएंगे।






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