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  • Written By: Admin
  • Published: November 25, 2025 02:30 PM IST
उत्तराखंड

बागजाला धरना स्थल पर पहुंचे उच्च अधिकारियों का निरीक्षण: एसडीएम, एसडीओ वन और एई पीडब्ल्यूडी की मौजूदगी

बागजाला में मालिकाना अधिकार लेने, इसे राजस्व गाँव बनाने, पंचायत चुनावों में मताधिकार पुनः बहाल करने, निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटाने, जल जीवन मिशन योजना से टूटी सड़कों का निर्माण करने, हर घर नल और हर घर जल देने का कार्य शुरू करने, गोवंश संरक्षण अधिनियम के तहत आवारा सरकारी गोवंश से पशुपालकों, किसानों और राहगीरों को हो रहे नुकसान से निजात दिलाने, गोवंश की स्थिति के अनुसार सरकारी मूल्य निर्धारण कर सरकारी खरीद की गारंटी करने के लिए बागजाला में अनिश्चितकालीन धरना 99वें दिन भी जारी रहा।

बागजाला के धरना स्थल पर उपजिलाधिकारी हल्द्वानी के नेतृत्व में कई अधिकारी पहुंचे, जिसमें एसडीओ वन विभाग और एई पीडब्ल्यूडी शामिल थे। उनके साथ अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने वार्ता की। वार्ता सकारात्मक रही और उपजिलाधिकारी हल्द्वानी ने आश्वासन दिया कि रुकी हुई सड़क का निर्माण एक सप्ताह में किया जाएगा। यह सहमति बनी कि निर्माण और विकास कार्यों पर लगी रोक को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। पेयजल योजना का विधिवत प्रस्ताव जल संस्थान भेजेगा, तो वन विभाग स्वीकृति प्रदान करेगा।

100वें दिन 25 नवंबर को उपजिलाधिकारी कार्यालय पर होने वाले धरना प्रदर्शन को राजकीय अवकाश के कारण धरना स्थल पर ही स्थगित किया गया। धरने में आनंद सिंह नेगी, बी आर धौनी, हरीश सिनोली, विनोद कुमार बौद्ध, वेद प्रकाश, डॉ. कैलाश पांडेय, प्रेम सिंह नयाल, हरक सिंह बिष्ट, दुर्गा देवी, तुलसी देवी, हेमा आर्या, भोला सिंह, हेमा देवी, मीना भट्ट, सुमित, नीलम आर्या, पुष्पा देवी, दीवान सिंह बर्गली, रेशमा, चंदन सिंह मटियाली, हीरा देवी, मुन्नी देवी, विमला देवी, लक्ष्मण राम, सुनीता देवी, दिनेश चंद्र, हामिद, दीपा देवी, हेमा देवी आदि उपस्थित रहे।

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