हल्द्वानी/दौलिया: बदलती जीवनशैली और खान-पान के कारण बढ़ रही थायराइड जैसी समस्याओं के प्रति अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता की नई किरण दिखाई दे रही है। मंगलवार को माधवी फाउंडेशन द्वारा क्षेत्र के एचसीएम जूनियर हाई स्कूल परिसर में आयोजित नि:शुल्क थायराइड जांच शिविर में ग्रामीणों ने भारी उत्साह दिखाया।
दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस शिविर में कुल 60 ग्रामीणों ने अपना पंजीकरण कराया और जांच कराई। शिविर की खास बात यह रही कि इसमें युवाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में बुजुर्गों और महिलाओं ने भी शिरकत की। यह सक्रिय भागीदारी दर्शाती है कि ग्रामीण समाज अब समय रहते बीमारियों की पहचान और रोकथाम के प्रति सजग हो रहा है।
यह शिविर माधवी फाउंडेशन के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। एसआरएल लैब (SRL Lab) के सहयोग से चली इस प्रक्रिया में कलेक्शन सेंटर ऑनर सुश्री सुनैना सिजवाली और अनिल राठौर ने न केवल खून के नमूने लिए, बल्कि उपस्थित लोगों को थायराइड के लक्षणों के बारे में विस्तार से समझाया।
प्रमुख लक्षण: वजन का तेजी से बढ़ना या घटना, अत्यधिक थकान, बालों का झड़ना और मूड स्विंग।
बचाव: संतुलित आहार, तनाव कम करना और नियमित शारीरिक व्यायाम।
शिविर के सफल आयोजन में स्थानीय गणमान्य लोगों का विशेष योगदान रहा। छात्र संघ कोषाध्यक्ष कमल पांडे, उपाध्यक्ष संजना पांडे और विद्यालय प्रबंधक सौरभ पंत ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि अस्पताल दूर होने के कारण ग्रामीण अक्सर छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, ऐसे में गांव में ही जांच सुविधा मिलना किसी वरदान से कम नहीं है।
"थायराइड की समस्या आज एक बड़ी चुनौती बन गई है। यदि सही समय पर इसकी पहचान न हो, तो यह शरीर में कई अन्य हार्मोनल गड़बड़ियों का कारण बनती है। हमारा उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी या जानकारी के अभाव में कोई भी ग्रामीण इलाज से वंचित न रहे।" — पीयूष जोशी, अध्यक्ष, माधवी फाउंडेशन
माधवी फाउंडेशन ने भविष्य में भी इसी तरह के अन्य स्वास्थ्य शिविर, जैसे मधुमेह (Diabetes) और ब्लड प्रेशर जांच, आयोजित करने का संकल्प लिया है। कार्यक्रम के अंत में सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।






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