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  • Written By: Admin
  • Published: February 19, 2026 02:12 PM IST
  • Updated: February 19, 2026 02:14 PM IST
उत्तराखंड

सुपरस्टार गोविंदा के भांजे ने खोला सबसे बड़ा राज: 'मामा ने थाली में मां के पैर धोकर पिया था पानी'; पत्नी सुनीता के 'अफेयर' वाले आरोपों पर भी तोड़ी चुप्पी

मुंबई। बॉलीवुड के 'नंबर वन' हीरो गोविंदा की प्रोफेशनल लाइफ जितनी रंगीन रही, उनकी निजी जिंदगी उतनी ही सादगी और संस्कारों से भरी है। हाल ही में उनके भांजे और भोजपुरी स्टार विनय आनंद ने गोविंदा के उस रूप से पर्दा उठाया है, जिसे दुनिया ने कभी नहीं देखा। विनय ने बताया कि जो गोविंदा पर्दे पर पूरी दुनिया को नचाते थे, वे अपनी मां के चरणों में किसी सेवक की तरह समर्पित रहते थे।

मां के प्रति समर्पण: श्रद्धा की पराकाष्ठा

विनय आनंद ने एक पॉडकास्ट में दिल छू लेने वाला वाकया सुनाया। उन्होंने बताया, "एक बार अपनी मां के जन्मदिन पर गोविंदा ने उनके पैर थाली में धोए और उस पानी को पी लिया।" विनय के अनुसार, गोविंदा ने पूरी जिंदगी अपनी मां को भगवान माना। उनकी पत्नी सुनीता आहूजा भी कह चुकी हैं कि गोविंदा अपनी मां की किसी बात को टालने की हिम्मत नहीं करते थे।

करोड़ों के ऑफर और इवेंट्स को मारा लात

अक्सर लोग सवाल उठाते हैं कि गोविंदा का करियर ढलान पर क्यों आया? इस पर विनय ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने कहा, "मैंने खुद उनके पास कई बड़ी फिल्मों और इवेंट्स के ऑफर भेजे, लेकिन उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के उन्हें मना कर दिया। वे अक्सर अच्छे मौके छोड़ देते हैं, शायद उनके पास अपने कुछ निजी कारण होते हैं।" ### अफेयर के आरोपों पर 'मामी' को जवाब हाल ही में सुनीता आहूजा ने अपने व्लॉग में गोविंदा के पुराने अफेयर्स और उनके व्यवहार पर कई सवाल खड़े किए थे। इस पर विनय ने कहा:

"जब मैंने मामी का इंटरव्यू सुना, तो मुझे अजीब लगा। मैंने सीधे मामा (गोविंदा) से जाकर पूछ लिया कि क्या ये सच है? लेकिन मामा ने साफ इनकार कर दिया कि ऐसा कुछ नहीं है। हमारे परिवार में उन्हें हमेशा बहुत सम्मान मिला है, ऐसे में मामी के ये खुलासे हैरान करते हैं।"

70 फिल्में करने के बाद भी 'पिता' सा सम्मान

विनय आनंद ने बताया कि भले ही वे आज खुद भोजपुरी सिनेमा के बड़े नाम हैं और 70 से ज्यादा फिल्में कर चुके हैं, लेकिन गोविंदा के सामने वे आज भी वही छोटे विनय हैं। उनके और गोविंदा के बीच 14 साल का अंतर है, लेकिन रिश्ता पिता और पुत्र जैसा है। वे आज भी गोविंदा के सामने सवाल नहीं करते, बस "जी सर" कहकर उनकी बात मानते हैं।

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