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  • Written By: Admin
  • Published: February 25, 2026 05:21 PM IST
  • Updated: February 25, 2026 05:21 PM IST
उत्तराखंड

दून पुलिस की मानवता: हेड कांस्टेबल इमरान अली ने रोजा तोड़कर बचाई महिला की जान, पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल

देहरादून: राजधानी की दून पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मानवता का धर्म किसी भी अन्य धर्म से ऊपर है। रमजान के मुकद्दस महीने में जब लोग खुदा की इबादत में मशरूफ हैं, तब पुलिस लाइन देहरादून में तैनात हेड कांस्टेबल इमरान अली ने एक बीमार महिला की जान बचाने के लिए न केवल अपना रोजा तोड़ा, बल्कि तत्काल रक्तदान कर मिसाल पेश की।

व्हाट्सएप पर मिला था 'इमरजेंसी' मैसेज

जानकारी के अनुसार, उत्तरकाशी की रहने वाली एक महिला जॉली ग्रांट अस्पताल में उपचाराधीन थी। उसकी स्थिति काफी नाजुक थी और उसे तत्काल रक्त की आवश्यकता थी। महिला के परिजनों ने सहायता के लिए व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश भेजा था। जैसे ही यह सूचना हेड कांस्टेबल इमरान अली तक पहुंची, उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की।

रोजा तोड़ा ताकि बच सके जिंदगी

इमरान उस समय रोजे से थे, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद जब उन्हें पता चला कि महिला की स्थिति गंभीर है, तो उन्होंने मानवता को प्राथमिकता दी। उन्होंने नियमानुसार अपना रोजा तोड़ा और रक्तदान किया। इस नेक काम के बाद अस्पताल में मौजूद हर व्यक्ति ने इमरान की इस कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता की सराहना की।

परिजनों ने जताया आभार

महिला के परिवार ने भावुक होते हुए दून पुलिस और विशेष रूप से इमरान अली का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि समय पर रक्त न मिलता तो अनहोनी हो सकती थी। दून पुलिस का यह कदम सामाजिक एकता और पुलिस की 'मित्र पुलिस' वाली छवि को और भी अधिक मजबूत करता है।

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