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  • Written By: Admin
  • Published: February 24, 2026 05:03 PM IST
  • Updated: February 24, 2026 05:05 PM IST
उत्तराखंड

भगवानपुर में खौफनाक वारदात: केमिकल से भरे ड्रम साफ करते समय दो किशोर बुरी तरह झुलसे, फैक्ट्री में कराया जा रहा था बाल श्रम

औद्योगिक क्षेत्र भगवानपुर के लखेश्वरी-सिकंदरपुर गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक फैक्ट्री में खतरनाक केमिकल के ड्रमों को साफ करने के काम में दो नाबालिग किशोरों को लगा दिया गया। इस दौरान केमिकल के संपर्क में आने से दोनों किशोर बुरी तरह झुलस गए। गंभीर हालत में उन्हें देहरादून के उच्च केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां वे जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

ड्रम धोते ही शुरू हुई जलन और फिर मची चीख-पुकार

जानकारी के अनुसार, छापुर शेर अफगानपुर निवासी आकिल (15 वर्ष) और सावेज (16 वर्ष) को फैक्ट्री में केमिकल ड्रमों की सफाई के काम पर लगाया गया था। जैसे ही किशोरों ने ड्रमों को धोना शुरू किया, उनके शरीर में असहनीय खुजली और जलन होने लगी। देखते ही देखते उनकी त्वचा झुलसने लगी और वे दर्द से तड़प उठे।

आनन-फानन में परिजन उन्हें आरोग्य अस्पताल ले गए, लेकिन किशोरों की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तत्काल देहरादून रेफर कर दिया।

पुलिस की जांच और सीसीटीवी पर नजर

मंगलवार को आक्रोशित परिजनों ने भगवानपुर थाने पहुंचकर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ तहरीर दी और सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फैक्ट्री के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटानी शुरू कर दी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के समय वहां क्या हुआ था और इन किशोरों से काम कौन करा रहा था।

बाल श्रम और सुरक्षा पर सवाल

यह घटना औद्योगिक इकाइयों में चल रहे बाल श्रम और सुरक्षा मानकों की पोल खोलती है।

  • क्या 15-16 साल के बच्चों से खतरनाक केमिकल का काम करवाना कानूनी है?

  • क्या फैक्ट्री में सुरक्षा उपकरण (दस्ताने, मास्क आदि) उपलब्ध थे?

  • आखिर किसकी अनुमति से इन नाबालिगों को इस जोखिम भरे काम में लगाया गया?

"परिजनों की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बाल श्रम और लापरवाही के पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है।" — राजीव रोथान, थाना प्रभारी, भगवानपुर

परिजन सदमे में

झुलसे हुए किशोरों के गांव में इस घटना के बाद सन्नाटा पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। अब देखना होगा कि श्रम विभाग और पुलिस इस मामले में फैक्ट्री मालिक पर क्या शिकंजा कसती है।

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