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  • Written By: Admin
  • Published: November 22, 2025 12:20 PM IST
उत्तराखंड

देहरादून में उपनल कर्मियों का विरोध चरम पर, 12वें दिन भी डटे रहे प्रदर्शनकारी

देहरादून। नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर उपनल कर्मियों का धरना बुधवार को 12वें दिन भी जारी रहा। ठंड बढ़ने के बावजूद कर्मचारियों का उत्साह कम नहीं हुआ है। विभिन्न संगठनों—सरकारी और गैर-सरकारी—का समर्थन लगातार मिल रहा है, जिससे आंदोलन और मजबूत होता दिख रहा है।

उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक विनोद गोदियाल ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें बिल्कुल न्यायसंगत हैं और जब तक सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, धरना जारी रहेगा। उन्होंने बेरोजगार संघ द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को साजिश बताते हुए कहा कि कुछ लोग संघ का इस्तेमाल अपनी राजनीति चमकाने के लिए कर रहे हैं। गोदियाल का कहना था, “उपनल कर्मी और बेरोजगार भाई—दोनों एक ही परिवार का हिस्सा हैं, लेकिन कुछ लोगों की वजह से भ्रांतियाँ फैलाई जा रही हैं। हमारा हौसला कमजोर नहीं होगा।”

महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष महेश भट्ट ने भी स्पष्ट कहा कि उपनल कर्मचारी किसी के बहकावे में या किसी राजनीतिक चाल में नहीं फंसेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो सभी उपनल कर्मी अपने परिवार—पत्नी और बच्चों सहित—धरना स्थल पर बैठने को बाध्य होंगे।

धरना स्थल पर आज प्रदेश संयोजक हरीश कोठारी, प्रदेश महामंत्री विनय प्रसाद, वाहन चालक संघ के प्रदेश महामंत्री अजय डबराल, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रदीप चौहान, संगठन मंत्री भूपेश नेगी, जगत राम भट्ट, अनिल जुयाल सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे।

उपनल कर्मियों का यह लंबा आंदोलन सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है, जबकि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अब पहले से ज्यादा आक्रामक और एकजुट दिख रहे हैं।

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