ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: November 22, 2025 12:29 PM IST
  • Updated: November 22, 2025 12:29 PM IST
उत्तराखंड

सरकारी तंत्र में हड़कंप: रिपोर्टिंग में गड़बड़ी पर दो अधिकारी फौरन निलंबित

उत्तराखंड— राज्य सरकार ने जनहित से जुड़े कार्यों में ज़रा-सी चूक को भी बर्दाश्त न करने का संदेश एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गड्ढामुक्त सड़क अभियान को हल्के में लेने वाले अधिकारियों पर अब सीधी कार्रवाई शुरू हो गई है।

अल्मोड़ा जिले के रानीखेत निर्माण खंड में तैनात प्रभारी अभियंता विजेंद्र सिंह मेहर और सहायक अभियंता के.के. पांडेय को गलत रिपोर्ट भेजने और सड़क मरम्मत में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में दोनों अधिकारियों को क्षेत्रीय कार्यालय अल्मोड़ा से संबद्ध रखा जाएगा।

निरीक्षण में खुली बड़ी गड़बड़ी—

मुख्यमंत्री द्वारा सभी जिलों को सड़कों को जल्द गड्ढामुक्त करने के सख्त निर्देश दिए गए थे। विभागों ने शासन को सुधार कार्यों की रिपोर्ट भी भेजी, लेकिन प्रमुख अभियंता द्वारा मौके पर की गई जांच में बड़ा खुलासा हुआ।

पंतगांव–रौलापानी रोड, भिकियासैंण–बिनायक रोड, भिकियासैंण बाजार–बाड़ीकोट पुल मार्ग— इन सभी सड़कों पर पैच रिपेयर प्लान के अनुरूप कोई वास्तविक कार्य नहीं मिला। इसके उलट विभागीय अभिलेखों में गलत जानकारी दर्ज कर शासन को भेजी गई थी।

गलत रिपोर्ट भेजी, काम नहीं किया—सीधा निलंबन

मुख्य अभियंता की तथ्यात्मक रिपोर्ट के बाद शासन ने दोनों अभियंताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करते हुए निलंबन के आदेश जारी कर दिए।

यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि राज्य सरकार अब गड्ढामुक्त सड़क अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई, फर्जी रिपोर्टिंग या भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×