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  • Written By: Admin
  • Published: February 26, 2026 06:14 PM IST
  • Updated: February 26, 2026 06:15 PM IST
उत्तराखंड

युवा शक्ति का संकल्प: एनएसएस शिविर में गूँजा स्वच्छता का मंत्र; स्वयंसेवकों ने पॉलीथिन के खिलाफ खोला मोर्चा, जूट के थैलों के प्रयोग की अपील

रामनगर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 'स्वच्छ भारत' के सपने को साकार करने और पर्यावरण को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में राजकीय महाविद्यालय की एनएसएस इकाई ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गुरुवार को आयोजित एक दिवसीय विशेष शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाकर सेवा का अनुपम उदाहरण पेश किया।

जीवनशैली का हिस्सा बने स्वच्छता: प्रो. मौर्य शिविर का शुभारंभ करते हुए प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर एस. एस. मौर्य ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान या दिखावा नहीं, बल्कि इसे हमारी जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए पॉलीथिन का पूर्ण बहिष्कार अनिवार्य है और युवाओं को इस बदलाव का नेतृत्व करना होगा।

पॉलीथिन के खिलाफ जन-जागरूकता वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुमन कुमार और डॉ. ममता भदौला जोशी के मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों ने क्षेत्र में सघन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और आमजन को पॉलीथिन के पर्यावरणीय नुकसानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। स्वयंसेवकों ने लोगों से अपील की कि वे बाजार जाते समय अपने साथ कपड़े या जूट के थैले लेकर चलें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक प्रदूषण मुक्त धरती मिल सके।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति: कार्यक्रम के दौरान जिला समन्वयक प्रोफेसर जे. एस. नेगी, विवेक जोशी सहित महाविद्यालय के कई शिक्षक और बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक मौजूद रहे। सभी ने सामूहिक रूप से परिसर और आसपास के क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त रखने की शपथ ली।

प्रमुख बिंदु: एनएसएस विशेष शिविर

  • अभियान: स्वच्छता एवं पॉलीथिन उन्मूलन।

  • संदेश: "पॉलीथिन हटाओ, पर्यावरण बचाओ"।

  • विकल्प: कपड़े और जूट के थैलों के उपयोग पर जोर।

  • प्रतिभागी: महाविद्यालय की एनएसएस इकाई के स्वयंसेवक एवं कार्यक्रम अधिकारी।

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