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  • Written By: Admin
  • Published: September 17, 2026 02:45 PM IST
राज्य

निर्जन पड़ावों के लिए रवाना नंदा देवी की बड़ी जात

चमोली। जय मां नंदा, जय मां राजराजेश्वरी के जयकारों से  हिमालयी क्षेत्र गूंज उठा। प्रसिद्ध नंदा देवी बड़ीजात यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर मां नंदा राजराजेश्वरी की देव डोलियां कैलाश की ओर रवाना हुईं तो श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। सभी ने भावुक होकर मां को कैलाश के लिए विदा किया। डोलियों के आगे बढ़ते ही पूरा क्षेत्र नंदा के जयकारों से गूंजता रहा।
बुधवार रात नंदा देवी राजराजेश्वरी की तीनों देव डोलियां लाटू के धर्मभाई गांव पहुंची। यहां बधाण की नंदा, बांण की भगवती और दशोली की भगवती का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। मां की अगवानी के लिए ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे। चांचड़ी और झोड़ा की प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। गांव में देर रात तक आस्था का माहौल बना रहा। गुरुवार सुबह धर्म भाई लाटू की अगुवाई में नंदा राजराजेश्वरी की डोली बेदनीकुंड के लिए रवाना हुई। डोली के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और छंतौलियां भी यात्रा में शामिल हुईं। गुरुवार रात यात्रा का पड़ाव गैरोली पाताल रहेगा। सप्तमी के दिन बेदनीकुंड में श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना करेंगे। अपने पूर्वजों का श्राद्ध करेंगे। इसके बाद बधाण की नंदा डोली अपने पारंपरिक पड़ाव की ओर लौटेगी, जबकि बड़ीजात यात्रा में शामिल बांण और दशोली की डोलियां छंतौलियों के साथ होमकुंड की ओर आगे बढ़ेंगी। कई दिनों से नंदा डोलियों के साथ चल रहे श्रद्धालुओं के लिए मां की कैलाश यात्रा का यह पड़ाव भावुक करने वाला रहा। डोली के आगे बढ़ने के दौरान श्रद्धालु जयकारे लगाते रहे। कई श्रद्धालु नम आंखों से मां को निहारते हुए दिखाई दिए। लोगों ने मां नंदा राजराजेश्वरी से परिवार और क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बड़ीजात यात्रा के कठिन और निर्जन पड़ावों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें संवेदनशील एवं निर्जन पड़ावों का निरीक्षण कर चुकी हैं। आवश्यक स्थानों पर सुरक्षा एवं आपदा राहत टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने यात्रा में तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि दूर-दराज से मां नंदा के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचे प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यात्रा के दौरान व्यवस्था में किसी तरह की चूक न हो। बेदनीकुंड में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। होमकुंड की दुर्गम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। स्वास्थ्य जांच में उपयुक्त पाए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।

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