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  • Written By: Admin
  • Published: February 18, 2026 01:13 PM IST
  • Updated: February 18, 2026 01:14 PM IST
उत्तराखंड

खाली प्लॉटों को डस्टबिन बनाने वालों की खैर नहीं! नगर निगम लगाएगा तगड़ा जुर्माना; कूड़ा फेंकने वाले ई-रिक्शा चालकों पर भी गिरेगी गाज।

यदि आप भी अपने घर का कूड़ा चुपके से पड़ोसी के खाली प्लॉट में फेंकने के आदी हैं, तो सावधान हो जाइए! आपकी एक छोटी सी लापरवाही अब आपकी जेब भारी कर सकती है। शहर में खाली पड़े प्लॉटों में गंदगी के ढेर से परेशान नगर निगम ने अब आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों के बीच निगम ने साफ कर दिया है कि खाली प्लॉट अब 'डस्टबिन' नहीं बनेंगे।

ई-रिक्शा चालकों की 'शॉर्टकट' पड़ेगी महंगी अक्सर शिकायतें मिल रही थीं कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाले कुछ ई-रिक्शा चालक अपनी मेहनत बचाने के चक्कर में कूड़ा डंपिंग स्टेशन ले जाने के बजाय पास के ही किसी खाली प्लॉट में खाली कर देते हैं। पर्यावरण अभियंता राजीव राठी ने सख्त लहजे में कहा कि ऐसे ई-रिक्शा चालकों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पकड़े जाने पर न केवल उन पर जुर्माना होगा, बल्कि उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

पड़ोसी देंगे जानकारी, निगम वसूलेगा दंड नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि अब हर वार्ड में सफाई निरीक्षक (Sanitary Inspectors) की ड्यूटी लगाई गई है। वे न केवल गलियों की सफाई देखेंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी निजी या सरकारी खाली प्लॉट में कचरा न जमा हो। यदि कहीं गंदगी पाई जाती है, तो आसपास के लोगों से पूछताछ कर दोषी की पहचान की जाएगी।

शहरवासियों से सहयोग की अपील नगर निगम ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे शहर को सुंदर बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। यदि आपके मोहल्ले में कोई व्यक्ति या ई-रिक्शा चालक खाली प्लॉट में कूड़ा फेंकता हुआ दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना निगम को दें।

खाली प्लॉटों में जमा कूड़ा न केवल शहर की सूरत बिगाड़ता है, बल्कि बारिश के मौसम में यह बीमारियों का घर भी बन जाता है। निगम की इस सख्ती से न केवल शहर चमकेगा, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी की भावना भी आएगी।

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