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  • Written By: Admin
  • Published: November 04, 2026 03:30 PM IST
  • Updated: November 04, 2026 03:35 PM IST
अपराध

अधिवक्ता हत्याकांड का खुलासा,आरोपी महिला सहित दो गिरफ्तार

बागेश्वर। बुधवार को 16 दिनों से लापता चल रहे अधिवक्ता धीरेन्द्र परिहार उर्फ कक्कू (35) की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने ें एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर तीन नवंबर की शाम गोमती नदी के पास से अधिवक्ता का शव बरामद किया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और शव को ठिकाने लगाने में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है।
 बागेश्वर के एसपी जितेन्द्र कुमार मेहरा ने मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनके अनुसार, तल्ली बाजार बागनाथ वार्ड निवासी नन्दी परिहार ने 31 अक्टूबर को कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उनका पुत्र धीरेन्द्र परिहार 17 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे बागेश्वर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की।  मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की। जांच में धीरेन्द्र का एक महिला के मोबाइल नंबर से लगातार संपर्क होना सामने आया। गुमशुदगी के दिन भी उसकी आखिरी बातचीत इसी नंबर पर हुई थी। मोबाइल नंबर की जांच में उसकी पहचा न नुमाइशखेत निवासी के रूप में हुई।
 पुलिस ने महिला के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान दो नवंबर को धीरेन्द्र की स्कूटी चिल्ड्रन पार्क नुमाइशखेत के पास खड़ी मिली। वहीं, 19 अक्टूबर की रात संदिग्ध महिला की कार की आवाजाही भी सीसीटीवी में दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने महिला से सख्ती से पूछताछ की तो उसने घटना का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, महिला ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेन्द्र नशे की हालत में उसके घर पहुंचा था। वहां दोनों के बीच विवाद हुआ और धीरेन्द्र द्वारा जबरदस्ती करने पर उसने गुस्से में घर में रखी लोहे की रॉड से उसके सिर पर दो वार कर दिए। इससे धीरेन्द्र मौके पर गिर पड़ा। काफी देर तक होश नहीं आने पर महिला ने शव को अपनी चारपाई के नीचे छिपा दिया।
 महिला ने अगले दिन अपने भाई को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, 19 अक्टूबर की रात दोनों ने शव को कार की पिछली सीट पर रखा और बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर थुनाई बैंड के पास से नीचे नदी में फेंक दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर सर्च अभियान चलाकर तीन नवंबर की शाम नदी के पास से सड़ी-गली अवस्था में शव बरामद किया। साथ ही घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड और कार भी कब्जे में ले ली। पुलिस ने मुकदमे में हत्या, साक्ष्य मिटाने और अन्य संबंधित धाराएं बढ़ाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

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