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  • Written By: Admin
  • Published: February 06, 2026 12:53 PM IST
  • Updated: February 06, 2026 12:56 PM IST
उत्तराखंड

उत्तराखंड में प्रारंभिक कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं पर विवाद, शिक्षकों का विरोध

देहरादून। उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने इस वर्ष प्रारंभिक कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया है, लेकिन इस फैसले का शिक्षक संगठनों ने विरोध किया है।

विभाग के अनुसार कक्षा छह से आठवीं की परीक्षाएं 12 से 18 फरवरी के बीच होंगी, जबकि कक्षा एक से पांचवीं की परीक्षाएं 17 से 24 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। विभाग का कहना है कि चरणबद्ध परीक्षा से विद्यालयों में भीड़ कम होगी और मूल्यांकन कार्य समय पर पूरा किया जा सकेगा।

हालांकि शिक्षक संघों का कहना है कि दो चरणों में परीक्षा कराने से उनके ऊपर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ेगा और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय तदर्थ समिति सदस्य मनोज तिवारी ने कहा कि अलग-अलग परीक्षा कार्यक्रम से प्रदेश के शिक्षकों में ऊहापोह है।

जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र रावत ने मांग की है कि कक्षा एक से आठवीं तक की परीक्षाएं 17 मार्च से एक साथ आयोजित की जाएं, ताकि छात्रों और शिक्षकों दोनों को सुविधा मिल सके।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने कहा कि परीक्षा समय तय करना एससीईआरटी का काम है और किसी शिक्षक को परीक्षा आयोजन में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

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