कानपुर। राजाराम हत्याकांड की जांच में बड़ा मोड़ आया है। पुलिस ने ऐसे व्यक्ति को जीवित पाया, जिसे वादी नरेंद्र देव के कागजों में मृत बताया गया था। संतोषी वर्तमान में लखनऊ के इंदिरानगर में अपनी बेटी के साथ रह रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संतोषी के जिंदा मिलने से अब तक की जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया था, जिससे पूरे हत्याकांड की विवेचना गुमराह हो गई। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि संतोषी को मृत घोषित करने में कौन जिम्मेदार था।
संदिग्ध महिला की भी तलाश जारी है, जो मुंबई में अपने पुराने ठिकाने से फरार पाई गई है। महिला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम मुंबई में लगी हुई है, जबकि लखनऊ में दूसरी टीम सक्रिय रूप से जांच कर रही है।
एफआईआर में नामजद आरोपी दिल नियाय को भी एक बार फिर पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया गया है। इस बार पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल स्वयं आरोपी से पूछताछ करेंगे, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस का कहना है कि अब पूरे हत्याकांड की विवेचना नए सिरे से की जाएगी। जिन बिंदुओं पर पहले विश्वास किया गया था, उनकी दोबारा जांच होगी। यदि किसी ने जानबूझकर झूठी जानकारी दी, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
राजाराम हत्याकांड में यह नया खुलासा न केवल जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।






.jpeg)








Copyright © 2026 News Bank. Designed & Developed by Digital Clik