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  • Written By: Admin
  • Published: November 28, 2025 12:36 PM IST
उत्तराखंड

उत्तराखंड सरकार की पहल: अभियोजन विभाग करेगा कानूनों का प्रचार, वित्तीय सहायता भी उपलब्ध

देहरादून। संविधान दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन देहरादून में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित लोगों से भारत के संविधान की उद्देशिका की शपथ दिलाई और अभियोजन विभाग की पत्रिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने सभी को संविधान और विधि दिवस की शुभकामनाएं देते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद किया।

अभियोजन विभाग को मिलेगी सहायता

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नए आपराधिक कानूनों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए अभियोजन विभाग को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही विभाग को डिजिटलीकरण के कार्य में भी सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभियोजन विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। विभाग के अधिकारियों को राज्य में बोली जाने वाली सभी बोलियों का प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की जाएगी।

सीएम धामी ने कहा कि अभियोजन सेवा हमारी न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो सत्य को प्रतिष्ठित करने और न्याय की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने का काम करती है। उन्होंने याद दिलाया कि 26 नवंबर 1949 का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा। इसी दिन भारत की संविधान सभा ने भारतीय संविधान को औपचारिक रूप से स्वीकार किया था। 26 नवंबर को विधि दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत 1979 में प्रख्यात विधिवेत्ता डॉ. लक्ष्मीमल्ल सिंघवी और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रयासों से की गई थी।

न्याय व्यवस्था में किए जा रहे सुधार

सीएम ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 लागू किया गया है। लोगों को सुलभ, सरल और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ई-कोर्ट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स, महिला एवं बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र, मेडिएशन बिल, टेली कॉन्फ्रेंसिंग, डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहल न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुलभ बना रही हैं। नए कानूनों के तहत इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल रिकॉर्डको भी सबूत के रूप में मान्यता मिली है, जिससे जांच और अभियोजन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक विश्वसनीय और वैज्ञानिक बन गई है।

न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। इसके लिए नए न्यायालय भवनों का निर्माण और मौजूदा संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है।

डिजिटल कोर्ट्स, ई-फाइलिंग और वर्चुअल हियरिंग प्रणालियों को सशक्त किया जा रहा है। विधि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, युवा अधिवक्ताओं को मेंटरशिप उपलब्ध कराने और महिला अधिवक्ताओं के लिए सुरक्षित वातावरण विकसित करने पर लगातार काम किया जा रहा है। प्रदेश में सख्त नकल-विरोधी कानून लागू करने के साथ ही यूसीसी जैसे कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं।

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