देहरादून। उत्तराखंड के टैक्सी चालकों के लिए जल्द ही काम करने का तरीका बदलने वाला है। ओला-उबर जैसे निजी एप आधारित प्लेटफॉर्म के विकल्प के तौर पर राज्य में सहकारिता आधारित ‘भारत टैक्सी’ सेवा शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। इस मॉडल में टैक्सी चालक केवल ड्राइवर नहीं, बल्कि अपने वाहन और कमाई के सीधे मालिक होंगे।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च की गई भारत टैक्सी सेवा से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड में भी इसे लागू किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उत्तराखंड में पर्यटन, चारधाम यात्रा और वेडिंग डेस्टिनेशन जैसे बड़े आयोजनों के कारण टैक्सी सेवाएं हजारों परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार हैं। मौजूदा निजी एप आधारित मॉडल में 20 से 30 प्रतिशत तक कमीशन कंपनियों को चला जाता है। ऐसे में स्थानीय टैक्सी चालकों को राहत देने और उन्हें सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सहकारिता आधारित भारत टैक्सी को राज्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि भारत टैक्सी एप को चार पहिया, तीन पहिया और दुपहिया टैक्सी वाहनों से जोड़ा जाएगा। यह सेवा शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ पर्वतीय और ग्रामीण इलाकों तक विस्तारित की जाएगी।
उन्होंने कहा, “हमने भारत टैक्सी सेवा को उत्तराखंड में लागू करने के लिए आवेदन कर दिया है। जल्द ही यह सेवा राज्य में लॉन्च की जाएगी।”
भारत टैक्सी एप भारत सरकार समर्थित पहला ड्राइवर-स्वामित्व वाला सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है।
5 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इसका आधिकारिक शुभारंभ किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था—
“अब आपकी टैक्सी का पहिया किसी और की कमाई नहीं करेगा, बल्कि भारत टैक्सी से आप खुद मालिक बनकर कमाई करेंगे।”
1,000 से 1,500 टैक्सी ऑपरेटर सक्रिय
35 से 45 हजार टैक्सियां सड़कों पर
चारधाम व पर्यटन सीजन में रोजाना 20–25 हजार टैक्सियां सक्रिय
पहाड़ी जिलों में 60% से अधिक टैक्सी चालक स्थानीय युवा
निजी एप मॉडल में 20–30% कमीशन एजेंसियों को जाता है
जीरो कमीशन मॉडल, ड्राइवर को 80–100% कमाई
नो सर्ज प्राइसिंग, तय और पारदर्शी किराया
UPI भुगतान सुविधा
लाइव ट्रैकिंग, सत्यापित ड्राइवर और इमरजेंसी अलर्ट
उत्तराखंड टैक्सी-मैक्सी यूनियन के अध्यक्ष सुंदर पंवार ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत टैक्सी केवल एक नया एप नहीं, बल्कि टैक्सी चालकों के लिए स्वामित्व, सम्मान और स्थायी आय का मजबूत मॉडल साबित होगी।
दूरी के अनुसार किराया पहले से दिखेगा
सर्ज प्राइसिंग से राहत
पहाड़ी रास्तों के अनुभवी स्थानीय ड्राइवर
अधिक सुरक्षा और भरोसेमंद सेवा
चारधाम और दूरस्थ क्षेत्रों तक आसान टैक्सी उपलब्धता
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में बढ़ते पर्यटन और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए टैक्सी सेवाओं का पारदर्शी, सुरक्षित और स्थानीय हितों पर आधारित मॉडल बेहद जरूरी है, और भारत टैक्सी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।






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