देहरादून, 10 फरवरी 2026। जिला प्रशासन ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की अनदेखी और न्यायालयीय आदेशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की है। भरण-पोषण आदेश का पालन न करने पर जिलाधिकारी सविन बसंल ने एक पुत्र के विरुद्ध 1.50 लाख रुपये की रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मामला विगत जनता दर्शन कार्यक्रम में सामने आया, जहां 68 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग पिता अशोक धवन ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पुत्रों द्वारा उनके साथ मारपीट, गाली-गलौच और उत्पीड़न किया जा रहा है तथा उन्हें घर से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया है।
पीड़ित बुजुर्ग ने बताया कि माननीय एसडीएम, देहरादून द्वारा 23 सितंबर 2023 को उनके पुत्र नितिन धवन को प्रतिमाह 4,000 रुपये भरण-पोषण राशि देने का आदेश पारित किया गया था, लेकिन आज तक एक भी किस्त नहीं दी गई। बाद में 5 जुलाई 2025 को उपजिलाधिकारी द्वारा यह राशि बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई थी, साथ ही यह भी निर्देश दिए गए थे कि बुजुर्ग को संपत्ति से बेदखल न किया जाए और उनके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो।
इसके बावजूद शिकायतकर्ता के अनुसार, उनका पुत्र नितिन धवन, जो लगभग छह लाख रुपये प्रतिमाह वेतन प्राप्त करता है, भरण-पोषण राशि देने से लगातार इनकार करता रहा। आरोप है कि धनराशि की मांग करने पर बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर मानते हुए बकाया भरण-पोषण धनराशि की वसूली के लिए 1.50 लाख रुपये की आरसी जारी करने के निर्देश दिए, ताकि वरिष्ठ नागरिक को उसका वैधानिक अधिकार मिल सके।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्पष्ट कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की अनदेखी और न्यायालयीय आदेशों की अवमानना किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं होगी। ऐसा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित बुजुर्ग की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।






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