पिथौरागढ़। उत्तराखंड से पहली बार रेनबो ट्राउट मछली का अंतरराष्ट्रीय निर्यात शुरू किया गया है। पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने देहरादून से वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर 5 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की पहली खेप को पड़ोसी देश नेपाल के लिए रवाना किया। इस ऐतिहासिक निर्यात की खास बात यह है कि इसमें भेजी गई शत-प्रतिशत मछली का उत्पादन सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला स्थित बूंग-बूंग, सिर्खा और मुनस्यारी के नामजला क्षेत्र में किया गया है। इस पहली खेप से स्थानीय सहकारी समितियों को सीधे 23 लाख रुपये की आय प्राप्त होगी।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मछली की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत रेफ्रिजरेटेड (शीतलन) वाहन के माध्यम से पूरी कोल्ड-चेन को बरकरार रखा गया। साथ ही इसकी हार्वेस्टिंग और पैकेजिंग के लिए विभाग द्वारा 5 लाख 40 हजार रुपये की विशेष वित्तीय सहायता भी दी गई।
मत्स्य मंत्री बहुगुणा ने बताया कि यह बड़ी सफलता दुबई में आयोजित गुलफूड एक्सपो के दौरान बने वैश्विक संपर्कों का परिणाम है। इससे उत्तराखंड के 12,000 से अधिक मत्स्यवर्तमान में राज्य सकल घरेलू उत्पाद में मत्स्य क्षेत्र का योगदान 9 प्रतिशत है। पिछले दो वर्षों में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल को 45 मीट्रिक टन ट्राउट की आपूर्ति कर 2 करोड़ रुपये का कारोबार किया गया है। मत्स्य निदेशक चंद्र सिंह धर्मशक्तु के मार्गदर्शन में यह निर्यात पूरी तरह सफल रहा, जिससे सीमांत के मत्स्य पालकों में भारी उत्साह है। पालकों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा। विभाग ने आगामी 6 माह में नेपाल को 30 मीट्रिक टन ट्राउट भेजने का लक्ष्य रखा है।






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