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  • Written By: Admin
  • Published: November 19, 2025 04:17 PM IST
उत्तराखंड

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: उत्तराखंड के उपनल कर्मचारी अब स्थायी, सरकार की समीक्षा याचिका खारिज

लंबे समय से स्थाई नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे उपनल (UPNL) कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार की समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे कर्मचारियों के नियमित होने का मार्ग खुल गया है।

सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की पीठ – जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस पी.बी. वराले – ने स्पष्ट किया कि 15 अक्टूबर 2024 के फैसले में कोई ‘स्पष्ट त्रुटि’ नहीं है और इसे पुनर्विचार के लिए आधार नहीं माना जा सकता। इस फैसले से 2019 से 2021 के बीच राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिकाओं (SLPs) और सिविल अपीलों का मार्ग अवरुद्ध हो गया।

इससे पहले, अक्टूबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार किया था। हाईकोर्ट ने 2018 में उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए राज्य सरकार को एक वर्ष के भीतर चरणबद्ध योजना लागू करने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार ने इस आदेश को चुनौती दी थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट की समीक्षा याचिका खारिज होने के साथ स्थिति स्पष्ट हो गई है।

इस फैसले के बाद उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को लागू करने का दबाव राज्य सरकार पर और बढ़ गया है, जिससे लंबे समय से अपने भविष्य की अनिश्चितता में झूल रहे कर्मचारियों को स्थाई नौकरी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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