ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: November 28, 2025 01:26 PM IST
  • Updated: November 28, 2025 01:26 PM IST
उत्तराखंड

“भक्तों की आस्था के बीच समाप्त हुई श्री बदरीनाथ धाम यात्रा 2025”

मंगलवार, 25 नवंबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद गुरुवार सुबह योग बदरी पांडुकेश्वर से आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी सेना के बैंड और भक्तिमय उदघोष के साथ श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुँच गई।

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के ज्योतिर्मठ पहुंचने तथा श्री बदरीनाथ धाम यात्रा के समापन पर शुभकामनाएं दी। BKTC मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि योग बदरी पांडुकेश्वर और श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में BKTC के दिशा-निर्देशों के तहत शीतकालीन पूजा व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंचने पर BKTC उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान ने आदि गुरु शंकराचार्य जी, गद्दी और रावल जी सहित आगंतुकों का स्वागत किया। पूजा-अर्चना के बाद आदि गुरु शंकराचार्य जी गद्दी स्थल में विराजमान हुए, जहां शीतकाल में दर्शन होंगे और श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में शीतकालीन पूजाएं भी शुरू होंगी।

आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी का गोविंद घाट, श्री विष्णु प्रयाग, ग्रीफ केंप मारवाड़ी और लोअर मार्केट ज्योतिर्मठ में भी भव्य स्वागत हुआ।

इसके पूर्व, बुधवार 26 नवंबर देर शाम को भगवान नारायण के प्रिय वाहन श्री गरूड़ जी महाराजको सजधज कर श्री बदरीनाथ धाम से डोली में श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ लाया गया। रैंकवाल पंचायत अध्यक्ष अनूप पंवार, सोनू बजवाड़ी, देवेंद्र पंवार, आलोक पंवार सहित अन्य पदाधिकारी श्री गरूड़ जी की देव डोली को बदरीनाथ धाम से ज्योतिर्मठ तक ले गए।

ज्योतिर्मठ में देवपुजाई समिति अध्यक्ष अनिल नंबूरी के नेतृत्व में विष्णु वाहन श्री गरूड़ जी का भव्य स्वागत हुआ। इसी शाम भगवान गरूड़ के साथ भगवान नारायण का पवित्र खजाना भी ज्योतिर्मठ पहुंचा। इस अवसर पर BKTC उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, सदस्य देवी प्रसाद देवली, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश कपरवाण, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, देवपुजाई समिति के पदाधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

BKTC मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि 25 नवंबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद 26 नवंबर को श्री उद्धव जी एवं श्री कुबेर जी की देव डोली तथा आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी धाम से शीतकालीन पूजा स्थल योग बदरी पांडुकेश्वर प्रस्थान हुई। श्री उद्धव जी योग बदरी मंदिर पहुंचे और श्री कुबेर जी पांडुकेश्वर मंदिर में विराजमान हुए।

आज 27 नवंबर अपराह्न आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी पांडुकेश्वर से श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुँची। गद्दी के साथ रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, दफेदार हरेंद्र कोठारी, विकास सनवाल सहित श्रद्धालुजन ज्योतिर्मठ पहुँचे।

आज शाम को बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी ने गढ़वाल स्काउट स्थित मां दुर्गा और भगवान विष्णु मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मंदिर समिति, धर्माधिकारी, वेद पाठी और आचार्य सेना के अधिकारी व जवानों ने रावल एवं आचार्यों का स्वागत किया।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×