राजस्थान सरकार ने 21 नवंबर की देर रात 48 IAS अधिकारियों के बड़े तबादले करते हुए प्रशासनिक तंत्र में व्यापक बदलाव किया है। यह कदम नए मुख्य सचिव के कार्यभार संभालने के बाद किए गए पहले बड़े फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है। प्रमुख विभागों में वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण से राज्य प्रशासन की दिशा और कार्यशैली पर असर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय में बदलाव: सबसे चर्चित बदलाव मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में हुआ है। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल को हटाकर जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा को नियुक्त किया गया। सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय से CMO में मतभेद और टकराव बढ़ रहे थे, जिसके कारण निर्णय प्रक्रिया बाधित हो रही थी।
प्रमुख तबादले और कारण:
राजेश कुमार यादव (पर्यटन विभाग): उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की नाराजगी के चलते हटा। नई पर्यटन नीति की धीमी प्रगति मुख्य कारण मानी जा रही।
दिनेश कुमार (राजस्व विभाग): कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में देरी के चलते पद से हटाया गया।
अंबरीश कुमार (मेडिकल एजुकेशन विभाग): डॉक्टर लॉबी के विरोध और संस्थागत नवाचारों के चलते खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग भेजा गया।
महिला IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी:
मंजू राजपाल: कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता और पंचायतीराज सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की प्रमुख शासन सचिव नियुक्त।
गायत्री एस. राठौड़: मेडिकल एजुकेशन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अर्चना सिंह: कार्मिक विभाग की सचिव बनाकर मुख्यधारा में पुनः शामिल।
शुचि त्यागी: परिवहन विभाग की शासन सचिव बनीं और देवस्थान विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला।
निष्कर्ष: इस व्यापक प्रशासनिक reshuffle से स्पष्ट संकेत मिलता है कि राजस्थान सरकार अब विभागीय विवाद, देरी और असंतोष को बर्दाश्त नहीं करेगी। उच्च प्राथमिकता वाले विभागों में तेज, पारदर्शी और समन्वित कार्य सुनिश्चित करने के लिए नई टीम तैयार की जा रही है। आने वाले दिनों में दिल्ली से लौट रहे दो IAS अधिकारियों की नियुक्तियों के साथ और भी बदलाव की संभावना है।






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