ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: December 13, 2025 04:01 PM IST
उत्तराखंड

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी उपलब्धि: देहरादून का एसएनसीयू बना नवजातों के लिए संजीवनी

देहरादून। राजधानी देहरादून में नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल की है। गांधी शताब्दी जिला अस्पताल में संचालित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) को अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है, जिससे गंभीर रूप से बीमार नवजातों को उन्नत उपचार मिल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। जिलाधिकारी सविन बंसल स्वयं एसएनसीयू की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। नवजात शिशुओं को सुरक्षित रूप से अस्पताल तक लाने और ले जाने के लिए एक डेडिकेटेड वाहन भी तैनात किया गया है, जिससे समय पर उपचार सुनिश्चित हो सके।

नवजात शिशुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पहले सिंगल वार्ड में संचालित 6 बेड वाले एसएनसीयू को अब डबल वार्ड में विस्तारित कर 12 बेड का कर दिया गया है। बेहतर चिकित्सकीय व्यवस्था, प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता के चलते अब तक 492 से अधिक नवजात शिशुओं को सफल उपचार प्रदान किया जा चुका है।

नवंबर 2024 में शुरू हुई इस यूनिट को अब मदर बोर्ड, स्टाफ रूम सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं से लैस किया गया है। सुरक्षा और सुव्यवस्थित संचालन के लिए पूरे वार्ड में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। यह यूनिट जिले में मजबूत होती स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।

अस्पताल में भर्ती नवजातों के परिजनों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए बताया कि डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ 24 घंटे पूरी तत्परता से बच्चों की देखभाल कर रहे हैं, जिससे उन्हें भरोसा और संतोष मिला है।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मीता श्रीवास्तव ने बताया कि हाल ही में दो नवजातों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है, जबकि आज ही एक नवजात को हरिद्वार से रेफर कर यहां लाया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से एसएनसीयू में नवजातों को अब और बेहतर व सुरक्षित उपचार मिल रहा है।

यह एसएनसीयू न केवल नवजात शिशुओं के जीवन को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि जनकल्याण के प्रति जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×