कोटद्वार। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच कोटद्वार से बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजिलेंस टीम ने सोमवार को फायर स्टेशन में तैनात लीडिंग फायरमैन रणवीर सिंह को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी एक निजी स्कूल को फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) जारी कराने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था।
विजिलेंस से मिली जानकारी के अनुसार, कोटद्वार स्थित एक निजी स्कूल ने फायर एनओसी के लिए नियमानुसार आवेदन किया था। स्कूल प्रबंधन की ओर से सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों और अग्निशमन उपकरणों से संबंधित दस्तावेज भी जमा किए गए थे। इस फाइल की जांच और प्रक्रिया आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी लीडिंग फायरमैन रणवीर सिंह को सौंपी गई थी।
बताया गया कि आरोपी अपनी टीम के साथ स्कूल का निरीक्षण भी कर चुका था और सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई थीं। इसके बावजूद वह फाइल को उच्चाधिकारियों के पास अग्रसारित नहीं कर रहा था। जब स्कूल प्रबंधन ने देरी का कारण पूछा तो उसने 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर दी।
40 हजार की मांग, 20 हजार में तय हुई बात
सूत्रों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी 20 हजार रुपये लेने पर सहमत हो गया। रिश्वत की मांग से परेशान होकर स्कूल प्रबंधन ने डायल 164 पर विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। सोमवार को आरोपी ने स्कूल प्रबंधक को रिश्वत की रकम लेकर फायर स्टेशन के पास बुलाया। जैसे ही उसने 20 हजार रुपये लिए, पहले से तैनात विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही रंगेहाथ पकड़ लिया।
आवास पर भी छापेमारी, दस्तावेज जब्त
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी के आवास पर भी छापेमारी की। तलाशी के दौरान कुछ अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं। आरोपी को मंगलवार को स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: विजिलेंस निदेशक
डायरेक्टर विजिलेंस डॉ. वी. मुरुगेशन ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनता से अपील
विजिलेंस विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो तुरंत डायल 164 पर शिकायत दर्ज कराएं। यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता का स्पष्ट संदेश मानी जा रही है।






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