हल्द्वानी क्षेत्र के काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस सभागार में सोमवार को जनगणना 2027 के तहत मास्टर ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन रेखा आर्या ने किया।
इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य नरेंद्र मोदी ने निर्धारित किया है, उसकी आधारशिला सटीक और व्यापक जनगणना से ही रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी विकास योजनाएं जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होती हैं, इसलिए यह कार्य अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है।
जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकानों एवं परिवारों के सूचीकरण कार्य को लेकर यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का संचालन अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी द्वारा किया गया, जबकि मास्टर ट्रेनर के रूप में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ. मुकेश नेगी ने प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान जनगणना की पूरी प्रक्रिया, मकानों एवं परिवारों के सूचीकरण, और डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रहण की तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि इस बार जनगणना पहली बार पूर्ण रूप से डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी, जिसमें मोबाइल एप के जरिए डेटा संकलन किया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी ने कहा कि यह प्रक्रिया प्रशासन की विश्वसनीयता और पारदर्शिता की कसौटी है। उन्होंने निर्देश दिए कि एकत्रित किए जाने वाले आंकड़े पूरी तरह सटीक और त्रुटिरहित होने चाहिए।
वहीं, जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि मकान गणना के तहत 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक प्रदेश की जनता को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा।
उन्होंने प्रशिक्षण में हाउस लिस्टिंग ऑफिसर (HLO) के गठन, डेटा संकलन और रिपोर्टिंग प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद के सभी विकास खंडों के उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार और फील्ड प्रशिक्षु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य जनगणना कार्य को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना है।






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