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  • Written By: Admin
  • Published: February 27, 2026 06:35 PM IST
  • Updated: February 27, 2026 06:36 PM IST
उत्तराखंड

हल्द्वानी का कायाकल्प: 13 मार्च तक पूरे होंगे मुख्य चौराहों के कार्य, DM ने दिए डे-नाइट शिफ्ट में काम करने के निर्देश

हल्द्वानी को एक आधुनिक और भव्य शहर बनाने के संकल्प के साथ जिलाधिकारी ने विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। UUSDA के अधिकारियों को मैनपावर बढ़ाते हुए दिन और रात (दो शिफ्टों) में काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम जनता को निर्माण कार्यों से होने वाली असुविधा जल्द खत्म हो सके।

इन चौराहों पर दिखेगा बड़ा बदलाव

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण मुक्त हो चुके मुख्य चौराहों का सौंदर्यीकरण 13 मार्च 2026 से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाए:

  • कुसुमखेड़ा चौराहा व लामाचौड़

  • हनुमान मंदिर क्षेत्र

  • मंडी के समीप शनि बाजार चौराहा

मंडी गेट के पास स्थित पुलिस चौकी को शिफ्ट करने के लिए ₹25 लाख की धनराशि मंडी परिषद को हस्तांतरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे चौराहे के चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है।

होली के बाद शुरू होगा चौड़ीकरण का दूसरा चरण

शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों के लिए मास्टर प्लान तैयार है:

  1. प्रथम चरण: होली के तुरंत बाद तीनपानी से मंडी गेट तक चौड़ीकरण शुरू होगा।

  2. द्वितीय चरण: इसके बाद तीनपानी से कालटैक्स तक सड़क को चौड़ा किया जाएगा।

  3. शिफ्टिंग: चौड़ीकरण के साथ ही बिजली के पोल और पानी की लाइनों को तुरंत शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनता की सुरक्षा सर्वोपरि: लापरवाही पर सख्त रुख

बैठक में SSP मंजूनाथ टीसी ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों (साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर, सैंडबैग) की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि कार्य के साथ-साथ सड़क से मलबा हटाना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में संबंधित विभाग जिम्मेदार होगा।

"एक सड़क का काम पूरा होने के बाद ही दूसरी जगह खुदाई करें। आपसी समन्वय से एनओसी (NOC) की बाधाएं दूर करें और हर 10 दिन में मुझे प्रगति रिपोर्ट सौंपें।" - जिलाधिकारी

जमरानी बांध व पेयजल का समाधान

शीशमहल के पास फिल्टर हाउस के पानी से जमरानी बांध परियोजना की नहर निर्माण में आ रही बाधा को दूर करने के लिए पानी को गौला नदी में डाइवर्ट करने की योजना बनाई गई है, जिससे शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित न हो।

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