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  • Written By: Admin
  • Published: February 23, 2026 04:14 PM IST
  • Updated: February 23, 2026 04:15 PM IST
उत्तराखंड

हल्द्वानी बनभूलपुरा: 4365 परिवारों की सुरक्षा और भविष्य पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला 24 फरवरी को

हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके की कहानी सिर्फ जमीन और मकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ के 4365 परिवारों के सपनों और जिंदगी से जुड़ी है। यह इलाका रेलवे की 29 एकड़ जमीन पर बसा है और पिछले एक साल से अतिक्रमण को लेकर कानूनी जंग चल रही है।

स्थानीय निवासी इस सुनवाई की तैयारी में नाराज़, चिंतित और असमंजस में हैं। उनके लिए यह केवल एक जमीन का मामला नहीं, बल्कि उनके बच्चों का भविष्य, उनकी पहचान और उनका घर है। 50,000 की आबादी वाले इस क्षेत्र में 4,000 से अधिक मकान बने हैं, और हर घर के पीछे एक परिवार की कहानी छुपी है।

सुप्रीम कोर्ट सुनवाई 24 फरवरी 2026 को होने वाली है। इस सुनवाई तक उच्च न्यायालय का रोक आदेश लागू है, जिसका मतलब है कि किसी भी कार्रवाई को फिलहाल रोका गया है। प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से सतर्क हैं। बनभूलपुरा और गफूर बस्ती सहित अन्य इलाके पुलिस अलर्ट में हैं, ताकि किसी तरह की अफरातफरी न हो।

पीस कमेटी की बैठकें भी आयोजित की गई हैं, जहां स्थानीय नेता, पुलिस और समुदाय के लोग शांति बनाए रखने और रमजान के पावन माह में सौहार्द बनाए रखने पर चर्चा कर रहे हैं।

इस मामले की गंभीरता को समझते हुए हर कदम पर संवेदनशीलता और सहानुभूति की आवश्यकता है। क्योंकि यह सिर्फ जमीन का विवाद नहीं, बल्कि उन लोगों की जिंदगी, सम्मान और आशाओं का सवाल है जो सालों से यहाँ अपना घर बसाकर जी रहे हैं।

जैसे-जैसे 24 फरवरी की तारीख नजदीक आ रही है, उम्मीद और डर दोनों की मिली-जुली भावना पूरे इलाके में महसूस की जा रही है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर हैं, कि यह फैसला लोगों की जिंदगी में कैसे बदल ला सकता है।

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