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  • Written By: Admin
  • Published: January 28, 2026 10:13 PM IST
  • Updated: January 28, 2026 10:16 PM IST
उत्तराखंड

जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में विकास योजनाओं, स्वास्थ्य, पशुपालन और सड़कों के मुद्दों पर चर्चा

अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल की अध्यक्षता में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक सर्किट हाउस काठगोदाम में सम्पन्न हुई। बैठक में क्षेत्र प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की विकास योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं सदन के समक्ष रखीं। प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सदस्यों द्वारा उठाई गई समस्याओं का मैदानी स्तर पर जाकर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से विकास कार्यों को गति दी जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों से स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की।
निराश्रित पशुओं पर चिंता, नई गौशालाओं की तैयारी
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं से हो रहे नुकसान और दुर्घटनाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में रामनगर, बैलपड़ाव, मालधनचौड़, लालकुआं, हल्दूचौड़ आदि स्थानों पर गौशालाएं संचालित हैं, लेकिन इनमें क्षमता से अधिक पशु हैं। वर्तमान में गौशालाओं में करीब 3100 गोवंश संरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक गौशाला को पशुपालन विभाग द्वारा 80 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन दिया जाता है। साथ ही रामनगर के मालधनचौड़ में नई गौशाला निर्माण हेतु डीपीआर तैयार की जा रही है। जिन क्षेत्रों में गौशालाएं नहीं हैं, वहां भूमि चयन की प्रक्रिया चल रही है।
इसके अलावा ग्राम गौसेवक योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि योजना के तहत 5 नरगोवंश पालने पर सरकार द्वारा 400 रुपये प्रतिदिन भरण-पोषण हेतु दिए जाते हैं। वर्तमान में जनपद में 31 ग्राम गौसेवक कार्यरत हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर फोकस
पर्वतीय क्षेत्रों के सदस्यों ने पीएचसी/सीएचसी में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और 108 एम्बुलेंस की कमी की शिकायत की। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि रामगढ़, धारी, ओखलकांडा एवं बेतालघाट ब्लॉकों में हर माह रोस्टरवार मेडिकल कैंप लगाकर अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे तथा दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाएं।
साथ ही पीएचसी/सीएचसी में बाहर की दवाइयां लिखे जाने पर रोक लगाने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए गए।
जंगली जानवरों से सुरक्षा और सड़कों की मरम्मत के निर्देश
बैठक में जंगली जानवरों से फसल और जान-माल के नुकसान का मुद्दा भी उठा। सदस्यों ने संवेदनशील क्षेत्रों में सौर ऊर्जा चालित या कटीले तारों की फेंसिंग लगाने की मांग की। इस पर वन विभाग और कृषि विभाग को प्राथमिकता के साथ कार्य करने, नियमित पेट्रोलिंग और ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने लोनिवि और पीएमजीएसवाई को पर्वतीय क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों को प्राथमिकता से गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए।
पेयजल व कूड़ा निस्तारण पर भी सख्ती
जेजेएम के तहत कई क्षेत्रों में अभी भी घरों तक पानी न पहुंचने की शिकायत पर जल संस्थान और जल निगम को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।
अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन कूड़ा निस्तारण सुनिश्चित करने तथा पर्वतीय आंतरिक मार्गों पर झाड़ियों की सफाई के लिए वन विभाग व लोनिवि के साथ संयुक्त टीम बनाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपाध्यक्ष जिला पंचायत देवकी देवी, ब्लॉक प्रमुख केडी रूवाली, मंजू नेगी, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी, अपर मुख्य अधिकारी महेश कुमार सहित जिला पंचायत सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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