बागेश्वर। जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर लोगों से धनराशि मांगने का मामला सामने आया है। एक अज्ञात मोबाइल नंबर से जिलाधिकारी के नाम पर फर्जी संदेश भेजकर रुपये मांगने की कोशिश की गई। संबंधित मोबाइल नंबर की प्रोफाइल पर जिलाधिकारी की तस्वीर लगी हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस नंबर से धनराशि मांगी जा रही थी, वह विदेशी नंबर है। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। वहीं पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार अज्ञात व्यक्ति ने जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे की पहचान का इस्तेमाल कर दूसरे मोबाइल नंबर से संदेश भेजे और धनराशि की मांग की। मोबाइल नंबर पर जिलाधिकारी की फोटो होने के कारण लोग ऐसे संदेशों को वास्तविक समझ सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आने वाले संदेशों और फोन काल के प्रति सतर्क रहें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि केवल किसी अधिकारी का नाम या फोटो देखकर संदेश पर भरोसा न करें। यदि किसी अधिकारी के नाम से रुपये मांगे जाते हैं तो धनराशि भेजने से पहले संबंधित अधिकारी से आधिकारिक माध्यम से पुष्टि अवश्य कर लें। बिना सत्यापन के किसी भी तरह का आर्थिक लेनदेन न करें।
जिला सूचना अधिकारी एस वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर धनराशि मांगने का मामला संज्ञान में आया है। जिस मोबाइल नंबर से रुपये मांगे जा रहे थे, वह विदेशी नंबर है। उसकी प्रोफाइल पर जिलाधिकारी की तस्वीर लगाई गई थी। मामले में आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया गतिमान है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाले संदिग्ध संदेशों, फोन काल या धनराशि संबंधी अनुरोधों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, यदि कोई व्यक्ति अधिकारी, कर्मचारी या परिचित बनकर रुपये मांगता है तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें। संदिग्ध संदेश मिलने पर संबंधित विभाग या पुलिस को सूचना दें। समय रहते सतर्कता बरतने से इस तरह की साइबर ठगी से बचा जा सकता है. पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।






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