अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और कथित वीआईपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 8 फरवरी को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित महापंचायत में शामिल होने के लिए कुमाऊं क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग रवाना हुए। यह जन सम्मेलन “अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच” के आह्वान पर आयोजित किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी, केंद्रीय महासचिव प्रभात ध्यानी तथा सीएसटीयू से जुड़े प्रतिनिधियों के नेतृत्व में अल्मोड़ा, रामनगर और रुद्रपुर से कार्यकर्ता और समर्थक देहरादून के लिए निकले।
रवाना होने से पहले आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि यह प्रदेश की अस्मिता और बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक मामले में कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं।
वक्ताओं ने मांग की कि प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने की गुंजाइश न रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।






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