ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: June 25, 2026 03:22 PM IST
अपराध

पत्नी ने पति पर डाला धर्मांतरण का दबाव, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

पिथौरागढ़। सीमांत जिले गंगोलीहाट से जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला अपने पति का जबरन धर्म परिवर्तन कराना चाहती है। इस मामले में पुलिस को शिकायत भी दी गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
दरअसल, बोकटा गांव निवासी विवेक सिंह ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में विवेक ने अपनी पत्नी पत्नी यास्मीन और ससुराल पक्ष पर धर्मांतरण का दबाव बनाने, बच्चे से मारपीट करने, खतना कराने व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवेक सिंह के अनुसार वह नौकरी के सिलसिले में दिल्ली में रहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात यास्मीन से हुई। उनका कहना है कि यास्मीन खुद को सनातन धर्म में आस्था रखने वाली बताती थी और मंदिरों में भी जाती थी। बाद में उसके मुस्लिम होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने विवाह से इनकार कर दिया था।
आरोप है कि इसके बाद दिल्ली निवासी यास्मीन के पिता साकिर अली, माता सज्जो बानो और अन्य स्वजन ने उसे भरोसा दिलाया कि विवाह हिंदू रीति के अनुसार होगा। विवेक का कहना है कि यास्मीन की सनातन धर्म और हिंदू परंपराओं में आस्था रखते हुए दोनों ने गंगोलीहाट के हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली।
विवेक के अनुसार 24 मार्च 2020 को हिंदू रीति से विवाह भी हो गया, लेकिन बाद में विवेक को पता चला कि यास्मीन ने पहचान बदलकर एक निकाहनामा तैयार कराया था। 2022 में यास्मीन को बेटा हुआ तो उसका भी गुपचुप तरीके से खतना करा दिया और नाम बदलने के दस्तावेज भी तैयार कराए। फिर धीरे-धीरे विवेक के पूरे परिवार पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जाने लगा।
विवेक का कहना है कि पत्नी व बेटे को ससुराल बुलाकर उसे मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस दौरान यास्मीन, साकिर अली, सज्जो बानो, परवेज व फिरोज समेत अन्य लोगों ने मुस्लिम धर्म स्वीकार करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। आरोप है कि 14 अप्रैल और पांच मई 2026 को उसकी पिटाई की गई। बढ़ते दबाव और उत्पीड़न के बीच वह आठ मई को अपने बेटे के साथ वहां से किसी तरह निकलकर गंगोलीहाट पहुंचा। इसके बाद भी आरोपितों ने पीछा नहीं छोड़ा। फिरोज उसके घर तक पहुंच गया और धर्म न बदलने पर परिवार को जान से मारने और बच्चे को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
विवेक सिंह का कहना है कि इस प्रकरण के पीछे संगठित रूप से धर्म परिवर्तन कराने वाले नेटवर्क की भूमिका हो सकती है। इसलिए सभी आरोपितों व उनके सहयोगियों के वित्तीय स्रोतों की भी जांच कराई जाए। कोतवाल कैलाश जोशी का कहना है कि तहरीर के आधार पर दिल्ली निवासी साकिर अली, यास्मीन, सज्जो बानो, परवेज व फिरोज के विरुद्ध मारपीट, गालीगलौज, कूटरचना व मतांतरण के लिए उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत प्राथमिकी कर ली गई है। मामले के सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×