ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: December 11, 2025 01:03 PM IST
राज्य

उत्तराखंड: बिना पूर्ण डिग्री और पंजीकरण के विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात, स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर लापरवाही

उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर खुलासा हुआ है। RTI कार्यकर्ता चंद्रशेखर जोशी ने उजागर किया कि राज्य के विभिन्न अस्पतालों में ऐसे डॉक्टरों को विशेषज्ञ (Specialist Doctor) के रूप में तैनात किया गया है, जिनके पास न तो आवश्यक PG डिग्री थी और न ही उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल (UMC) का अनिवार्य पंजीकरण। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।

45 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती पर उठे सवाल
स्वास्थ्य विभाग ने 28 अप्रैल 2025 को 45 विशेषज्ञ डॉक्टरों की अस्थायी तैनाती का आदेश जारी किया था। जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं:

  • कई डॉक्टरों ने UMC Registration नहीं कराया था।

  • कुछ डॉक्टरों ने PG Degree उत्तीर्ण नहीं की थी।

  • कुछ चिकित्सकों के दस्तावेज़ NMCA Act 2019 और उत्तराखंड चिकित्सक व्यवसाय अधिनियम 2005 के अनुरूप नहीं थे।

क़ानून स्पष्ट रूप से कहता है कि बिना पंजीकरण चिकित्सा अभ्यास करना दंडनीय अपराध है।

जांच में सामने आए प्रमुख तथ्य:

  • 45 में से केवल 10 डॉक्टर ही पूर्णतः योग्य थे।

  • 8 डॉक्टर तैनाती के 8 महीने बाद भी योग्यता/पंजीकरण पूरा नहीं कर सके।

  • 2 डॉक्टर आज तक PG परीक्षा पास नहीं कर पाए।

गर्भवती महिला की मौत का मामला भी जुड़ा
तैनाती सूची में शामिल डॉ. नेहा सिद्दीकी को जिला चिकित्सालय, सितारगंज में तैनात किया गया था। शिकायत में कहा गया कि उपचार के दौरान जटिलताओं को सही ढंग से संभाल न पाने के कारण एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने इसे “अयोग्य और अपंजीकृत डॉक्टर की तैनाती का दुखद परिणाम” बताया।

शिकायतकर्ता की प्रमुख मांगें:

  1. उच्च स्तरीय जांच: 28 अप्रैल 2025 के आदेश के तहत सभी विशेषज्ञ तैनातियों की निष्पक्ष जांच।

  2. जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई: जिन्होंने अयोग्य डॉक्टरों की तैनाती करवाई।

  3. अयोग्य डॉक्टरों की तैनाती रद्द: जिनके पास UMC/NMC Registration या PG Qualification नहीं है।

  4. भविष्य में सख्ती: विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से पहले UMC/NMC पंजीकरण, PG Degree और दस्तावेज़ों का ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया जाए।

यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है और जनता के स्वास्थ्य के साथ संभावित खतरे को उजागर करता है।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×