उत्तराखंड में मूल निवास और सशक्त भू-कानून की मांग को लेकर सक्रिय मूल निवास –भू कानून समन्वय संघर्ष समिति ने बड़ा निर्णय लेते हुए अपनी वर्तमान कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
समिति की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि यह मंच पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और मूल निवास व सशक्त भू-कानून की लड़ाई को एक जन-आंदोलन के रूप में देखा जाता है। इस आंदोलन को केवल जनसहभागिता के माध्यम से ही आगे बढ़ाया जा सकता है।
बताया गया कि विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर समिति के कुछ पदाधिकारी विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़ रहे हैं। समिति ने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन संगठन की निष्पक्ष और गैर-राजनीतिक छवि बनाए रखने के लिए वर्तमान कार्यकारिणी को भंग करने का फैसला लिया गया है।
संघर्ष समिति ने कहा है कि बहुत जल्द नई कार्यकारिणी और नई टीम की घोषणा की जाएगी, जो मूल निवास और सशक्त भू-कानून की मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।






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