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  • Written By: Admin
  • Published: September 21, 2025 11:08 PM IST
उत्तराखंड

उत्तराखंड को स्कूल ड्राप आउट कम करने में मिली बड़ी कामयाबी

देहरादून।  उत्तराखंड को अपर प्राइमरी और माध्यमिक स्तर पर स्कूल ड्राप आउट कम करने में बड़ी कामयाबी मिली है। झारखंड के बाद उत्तराखंड देश का ऐसा दूसरा राज्य बन गया है, जहां माध्यमिक स्तर पर पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले छात्रों की संख्या सबसे कम है। इसमें उत्तराखंड ने केरल को भी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि प्राइमरी स्तर उत्तराखंड ड्राप आउट शून्य करने में कामयाब नहीं रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 2024-25 की यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक के सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों के रियल टाइम डाटा पर तैयार की गई है। उत्तराखंड में अपर प्राइमरी में पिछले साल बीच में स्कूल छोड़ने वाले छात्र 2.3 प्रतिशत छात्र थे, जो अब घटकर 1.40 प्रतिशत हो गए हैं। अपर प्राइमरी में उत्तराखंड अभी हिमाचल, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, तेलंगाना, महाराष्ट्र जैसे राज्यों से पीछे जरूर है, लेकिन उत्तराखंड के साथ बने राज्यों झारखंड और छत्तीसगढ़ से उत्तराखंड का औसत अच्छा है। माध्यमिक स्तर पर उत्तराखंड को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां ड्राप आउट 5.6 से घटकर 4.6 रह गया है, जो झारखंड के बाद देश में सबसे बेहतर है। प्राइमरी में साथ बने राज्यों की स्थिति बेहतर उत्तराखंड के बेसिक स्कूलों में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में इजाफा हो रहा है। यह स्थिति इसलिए भी ज्यादा चिंताजनक है, क्योंकि उत्तराखंड के सभी पड़ोसी राज्यों में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या शून्य हो चुकी है। वर्ष 2000 में साथ बने छत्तीसगढ़ में स्थिति उत्तराखंड से बहुत बेहतर है। तो झारखंड जैसे राज्य भी ड्राप आउट शून्य करने में कामयाब रहा है। लेकिन उत्तराखंड 2023-24 के 0.8 के मुकाबले इस बार प्राइमरी स्तर पर 0.9 हो गया है। स्कूल और शिक्षक प्रतिशत ज्यादा उत्तराखंड ऐसे राज्यों में भी शामिल हैं, जहां बुनियादी शिक्षा में स्कूल और शिक्षकों का प्रतिशत छात्र प्रतिशत से अधिक है। यहां प्राइमरी स्कूलों में 18 छात्रों पर एक शिक्षक तैनात है। फिर भी यहां स्कूलों में छात्रों की संख्या घट रही है।

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