दिल्ली में हुए बम धमाके की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को प्रारंभिक सुरागों में उत्तराखंड से संभावित कनेक्शन मिलने की जानकारी मिली है। मामले के मुख्य आरोपी डॉ. उमर नदीम के कॉल डिटेल्स में देहरादून और पिथौरागढ़ से जुड़े दो मोबाइल नंबर पाए जाने के बाद उत्तराखंड पुलिस, एसटीएफ तथा केंद्रीय इंटेलिजेंस टीमें सक्रिय हो गई हैं।
जांच में कॉल रिकॉर्ड विश्लेषण के दौरान देहरादून की रहने वाली एक चिकित्सक का नंबर सामने आया। जब जांच टीम डॉक्टर के देहरादून स्थित आवास पर पहुंची तो पता चला कि वह अपनी पत्नी के इलाज के सिलसिले में कुछ समय पूर्व फरीदाबाद शिफ्ट हो चुकी हैं। इस पर पुलिस-टीम ने फरीदाबाद के लिए रवाना होकर उनकी भूमिका और संभावित संपर्कों की गहनता से जांच शुरू कर दी है।
दूसरे नम्बर की पहचान पिथौरागढ़ की एक महिला के रूप में हुई है, जो पहले एक प्लेसमेंट एजेंसी से जुड़ी थी और वर्तमान में नोएडा की एक निजी कंपनी में कार्यरत बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में संकेत हैं कि नौकरी संबंधी बातचीत के कारण उसका आरोपी के साथ संपर्क हुआ होगा। जांच में उनके और आरोपी के बीच कॉल-लॉग तथा चैट रिकॉर्ड्स की पड़ताल की जा रही है।
उत्तराखंड पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। टीमें फिलहाल सभी डिजिटल इनपुट्स, कॉल लॉग, पुराने संपर्क और मूवमेंट ट्रेस कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित लिंक का आंकलन किया जा सके। हालांकि जांच अधिकारियों का कहना है कि अब तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है जो स्पष्ट रूप से दोनों पक्षों के आपराधिक संलिप्तता की पुष्टी करे; उसी आधार पर जांच और आगे बढ़ रही है।
एजेंसी सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर और पिथौरागढ़ की महिला—दोनों के आरोपी उमर से पिछले लगभग दो वर्षों से सक्रिय संपर्क नहीं पाए गए हैं। बावजूद इसके जांच अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी संभावित कड़ी को बेनकाब करने के लिए छानबीन हर स्तर पर जारी रहेगी।






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