उत्तराखंड की पंतनगर यूनिवर्सिटी एक बार फिर छात्र आत्महत्याओं को लेकर चर्चा में आ गई है। केवल 14–15 घंटे के भीतर दो छात्रों ने फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसमें से एक छात्र की मौत हो गई और दूसरा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
पहला मामला:
रविवार देर रात बीटेक इलेक्ट्रिकल फाइनल ईयर के छात्र विवेक आर्य ने विश्वसरैया भवन के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। साथी छात्रों ने समय रहते दरवाजा तोड़ा और उसे अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
दूसरा मामला:
लगभग 12 घंटे पहले, बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र अक्षत सैनी का शव छात्रावास रजत जयंती में फंदे से लटका मिला। परीक्षा के दिन यह हादसा सामने आया। अक्षत लंबे समय से मानसिक तनाव में था और उसने अपनी डायरी में रोजमर्रा की बातें लिख रखी थीं।
पांच साल में चौथी आत्महत्या:
पिछले पांच वर्षों में विश्वविद्यालय में चार छात्रों की आत्महत्या हो चुकी है। इस बावजूद कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग की व्यवस्था अभी तक प्रभावी नहीं बनी है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल:
कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान का फोन लगातार बंद है। डीन और हॉस्टल वार्डन ने भी कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया देने से इनकार किया।
जांच जारी, सुरक्षा और काउंसलिंग बढ़ाई जाएगी:
अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. आनंद सिंह जीना और डॉ. राजीव रंजन घटनाओं की जांच कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल मॉनीटरिंग बढ़ाने और कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं।






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