उत्तराखंड के चमोली जिले की पुलिस ने पुराने निवेश धोखाधड़ी मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी रविंद्र मोहन को रुद्रप्रयाग जिले के फाटा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। यह आरोपी 2001 से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ 5000 रुपये का इनाम भी घोषित था।
मामला 1993 का है, जब रविंद्र और उसके भाई राकेश मोहन ने ‘हिमगिरी प्लांटेशन’ नामक कंपनी शुरू की थी। दोनों ने निवेशकों को कम समय में राशि दोगुनी करने और उच्च ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपये जुटाए। 2001 में लाखों रुपये लेकर वे गायब हो गए।
चमोली पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के मार्गदर्शन में उप निरीक्षक सतेंद्र बुटोला की अगुवाई वाली विशेष टीम ने तकनीकी जांच, दस्तावेजी साक्ष्य और राष्ट्रीय रिकॉर्ड की मदद से आरोपी का पता लगाया। सूचना मिलने पर फाटा में घेराबंदी कर रविंद्र मोहन को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासतमें भेजा गया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दूसरे मुख्य आरोपी राकेश मोहन की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है। इस गिरफ्तारी से पुराने लंबित मामलों के समाधान में पुलिस की सक्रियता और सफलता दिखाई देती है।






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