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  • Written By: Admin
  • Published: March 12, 2026 10:16 PM IST
  • Updated: March 12, 2026 10:28 PM IST
उत्तराखंड

नन्हे हाथों में विज्ञान की कमान: पीरुमदारा में तीन दिवसीय 'विज्ञान संचेतना कार्यशाला' शुरू; 67 छात्राओं ने सीखीं बारीकियां

रामनगर। बच्चों के भीतर छिपे वैज्ञानिक को जगाने और उनमें तार्किक सोच विकसित करने के उद्देश्य से विकासखंड संसाधन केंद्र, पीरुमदारा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), भीमताल के तत्वाधान में तीन दिवसीय 'विज्ञान संचेतना कार्यशाला' का भव्य शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी हवलदार प्रसाद द्वारा किया गया।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण है समय की मांग मुख्य अतिथि हवलदार प्रसाद ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान को समझना जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि, "बच्चों में विज्ञान की अवधारणा विकसित करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम नींव का पत्थर साबित होते हैं। इससे बच्चों में रटने के बजाय समझने की प्रवृत्ति बढ़ती है।"

बेटियों ने दिखाया उत्साह इस कार्यशाला में राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय की कुल 67 छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। तीन दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में बच्चों को निम्नलिखित क्षेत्रों में व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा:

  • भौतिक विज्ञान: रोजमर्रा की जिंदगी में भौतिकी के चमत्कार।

  • रसायन विज्ञान: रासायनिक प्रतिक्रियाओं का सरल प्रदर्शन।

  • जीव विज्ञान: प्रकृति और जीव-जंतुओं के अनसुलझे रहस्य।

विशेषज्ञों का मार्गदर्शन कार्यशाला में डाइट भीमताल के वरिष्ठ प्रवक्ता ललित प्रसाद तिवारी और डॉ. पूरन सिंह भूमला ने बच्चों को शोधपरक शिक्षा के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रधानाध्यापक सुभाष चंद्र जुयाल द्वारा किया गया।

इस दौरान जिला अध्यक्ष शिक्षक संघ मनोज तिवारी, संदर्भदाता डॉ. विजेता बिष्ट, रश्मि जोशी, कमलकांत पांडे और कई वरिष्ठ शिक्षक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में माना कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता पहचानने का मौका मिलता है।

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