पिथौरागढ़ में आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से भूकंप पर आधारित एक व्यापक मॉक अभ्यास का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास ने यह साबित कर दिया कि आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है।
जनपद के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में संभावित आपदा के परिदृश्य तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का वास्तविक परीक्षण किया गया। बेरीनाग के देवीनगर में घायल व्यक्ति को त्वरित प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि मुनस्यारी के दरकोट/धापा क्षेत्र में मृतक और घायलों के परिदृश्य पर प्रभावी रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया।
इसी तरह डीडीहाट और धारचूला के विभिन्न क्षेत्रों में घायलों को सुरक्षित निकालने और उपचार तक पहुंचाने का सफल अभ्यास किया गया। धारचूला के तवाघाट क्षेत्र में भूस्खलन से रास्ता बंद होने की स्थिति में भी टीमों ने बेहतरीन तालमेल के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।
जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ में भी आपातकालीन स्थिति का अभ्यास करते हुए घायलों और मृतकों को लाने तथा उनका तत्काल उपचार करने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक परखा गया।
इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, अग्निशमन और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। सभी टीमों ने समयबद्ध तरीके से घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दिया।
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगाईं ने बताया कि इस प्रकार के मॉक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों का सही उपयोग और विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना है, ताकि वास्तविक आपदा में जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
मॉक ड्रिल के दौरान अक्षय प्रहलाद कोंडे, डॉ. एस.एस. नबियाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
यह अभ्यास न केवल प्रशासन की तैयारी का परीक्षण था, बल्कि आम जनता को भी यह संदेश देता है कि सतर्कता और तैयारी ही आपदा से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।






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