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  • Written By: Admin
  • Published: March 18, 2026 01:05 PM IST
  • Updated: March 18, 2026 01:07 PM IST
उत्तराखंड

अब नहीं चलेगी सुस्ती: नैनीताल में परियोजनाओं की समीक्षा, मुख्य सचिव के सख्त निर्देश

नैनीताल में विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि निर्माणाधीन परियोजनाएं समय पर पूरी हों, ताकि लागत में अनावश्यक वृद्धि न हो।

डॉ. आर. एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, तकनीकी या प्रक्रियागत किसी भी प्रकार की बाधा को तुरंत दूर किया जाए और विकास कार्यों को किसी भी हाल में रुकने न दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग मासिक लक्ष्य तय कर नियमित मॉनिटरिंग करें और लंबित टेंडर, स्वीकृतियों एवं तकनीकी अनुमोदनों को शीघ्र पूरा करें। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और अन्य अधिकारियों को विकास कार्यों की लगातार समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य सचिव ने आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग को चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही पर्याप्त पार्किंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं को समय रहते दुरुस्त करने पर जोर दिया।

उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता देने, एलपीजी गैस की होम डिलीवरी सुनिश्चित करने तथा व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति समय पर करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में करीब 41 करोड़ रुपये की लागत से कैंची धाम सौंदर्यीकरण कार्य, 3678 करोड़ की जमरानी बांध परियोजना, तथा हल्द्वानी में प्रस्तावित नमो भवन सहित कई बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की गई।

इसके अलावा जल जीवन मिशन, सीवरेज प्रोजेक्ट्स, बस टर्मिनल निर्माण, मेडिकल कॉलेज और अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से कहा कि जन शिकायतों, खासकर सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त मामलों का समयबद्ध और गंभीरता से निस्तारण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए नैनीताल को एक आदर्श और योजनाबद्ध जिले के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।

बैठक में दीपक रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यह समीक्षा बैठक केवल प्रगति का आकलन नहीं, बल्कि विकास कार्यों में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

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